किशोर सिंह राजपूत 9981757273
शाजापुर। जिले में गुरुवार रात से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को भी बारिश रुक-रुककर होती रही। बारिश से खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल को राहत मिली है, लेकिन किसानों को अगली फसल के लिए पानी की चिंता अभी भी बनी हुई है। किसानों की नजर अब चिल्लर बांध पर टिकी है।
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शाजापुर का चिल्लर बांध अभी अपनी पूरी क्षमता से नहीं भर पाया है। फिलहाल बांध में इतना ही पानी है, जिससे शहर की पेयजल जरूरत पूरी हो सके। पिछले साल भी बांध पूरी क्षमता तक नहीं भर पाया था और शहर को पीने लायक पानी ही उपलब्ध हो सका था।
चिल्लर बांध से शहर के आसपास के कई गांवों की नहर से सिंचाई होती हैं। बांध पूरी क्षमता से भरने पर किसानों को अगली फसल के लिए सिंचाई के पानी की चिंता नहीं रहती। जिले में बड़े उद्योग-धंधे नहीं होने से स्थानीय व्यापार भी काफी हद तक खेती पर निर्भर है। ऐसे में बारिश और फसल की स्थिति का सीधा असर किसानों के साथ व्यापारियों के कारोबार पर भी पड़ता है। फिलहाल बारिश से सोयाबीन को राहत मिली है, लेकिन बांध नहीं भरने की चिंता किसानों और व्यापारियों दोनों के चेहरों पर दिखाई दे रही है।



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