किशोर सिंह राजपूत 9981757273
नशामुक्ति संदेश के साथ निकलेगा ऐतिहासिक जुलूस
🔔 यह भी पढ़ें...
शाजापुर। शहर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का पर्व इस वर्ष बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है। 26 अगस्त बुधवार को सीरत कमेटी के नवनिर्वाचित सदर हाजी नईम कुरैशी की सदारत में एक बेहद शानदार जुलूस का आयोजन किया जाएगा। सदर बनने के बाद से ही समाजजनों द्वारा उनका लगातार सम्मान किया जा रहा है, जिससे पूरे समुदाय में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। इस बार आयोजन को केवल जश्न तक सीमित न रखते हुए समाज सुधार का एक बड़ा माध्यम भी बनाया गया है।
पैगंबर साहब के संदेश और नशामुक्ति की पहल
इस वर्ष जुलूस की सबसे बड़ी खासियत वह विशेष रथ होगा जो जुलूस के आगे चलेगा। यह रथ समाज को नशामुक्ति का एक कड़ा और स्पष्ट संदेश देगा। रथ के माध्यम से पैगंबर मोहम्मद साहब द्वारा 1400 वर्ष पूर्व दिए गए नशामुक्ति और बुराइयों से दूर रहने के पवित्र पैगाम को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ व सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है।
समय की बचत और समानता का संदेश
सीरत कमेटी मीडिया प्रभारी अनीस खान ने बताया कि आयोजन को खूबसूरत बनाने के लिए सीरत कमेटी के सदर हाजी नईम कुरैशी ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने जुलूस के दौरान जगह-जगह मंचों पर स्वागत में साफा बांधने की रस्म को इस वर्ष बंद कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य जुलूस में लगने वाले अनावश्यक समय को बचाना है ताकि कार्यक्रम समय पर पूरे हो सकें। इससे किसी व्यक्ति विशेष के बजाय जुलूस में शामिल पूरे समाज और अवाम का सामूहिक व समान इस्तकबाल हो सकेगा।
कुरआन ख़्वानी के बाद शुरु होगा जुलूस
जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के दिन विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन पूरी अकीदत के साथ किया जाएगा। सुबह 8 बजे शाही जामा मस्जिद में कुरआन ख्वानी का मुकद्दस आयोजन होगा। इसके बाद सुबह 9 बजे शाही जामा मस्जिद से मुख्य जुलूस की शुरआत की जाएगी। यह जुलूस शहर के तमाम प्रमुख मार्गों से होता हुआ वापस शाही जामा मस्जिद पर आकर संपन्न होगा। इसके बाद रात 9 बजे हुसैनी चौक, शाजापुर में एक भव्य जलसे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उलेमा अपनी तकरीर पेश करेंगे। सीरत कमेटी सद्र हाजी नईम कुरैशी, वरिष्ठ नायब सदर हाजी एज़ाज बबलू कुरैशी, खजांची जुनैद अहमद मंसूरी, सेक्रेट्री अब्दुल शेरू, जनरल सेक्रेट्री निसार अहमद, मीडिया प्रभारी अनीस खान आदि ने अपील की है कि हम सब मिलकर शहर की कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल पेश करें। सभी लोग जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी के जुलूस और अन्य सभी प्रोग्रामों में पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और अकीदत के साथ शामिल हों। जुलूस के दौरान पूर्ण शांति, आपसी प्रेम और सद्भावना का परिचय दें।
ये होंगे तीन दिवस आयोजन
इस्लामिक माह रबि उल अव्वल में 12 रबि उल अव्वल दिनांक 26 अगस्त 2026 को इस्ला धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम की यौमे पैदाइश का पवित्र अवसर है। दिनांक 26 अगस्त प्रातः 8 बजे शाही जामा मस्जिद बादशाही पुल में क़ुरान ख़्वानि होगी। इसके बाद प्रातः 10 बजे से शाही जामा मस्जिद से जुलुस निकाला जायेगा, जो मीरकला बाज़ार, आज़ाद चौक, नई सड़क, टेंशन चौराहा, मगरिया, सोमवारिया बाज़ार, हुसैनी चौक, किला रोड़, पिंजारवाड़ी, कसाईवाड़ा होते हुए मीरकला बाज़ार से शाही जामा मस्जिद बादशाही पुल पर दोपहर लगभग 1:30 बजे संपन्न होगा। उसी दिन 12 रबि उल अव्वल रात्रि 9:30 बजे से 11:30 बजे तक हुसैनी चौक में मुस्लिम उलेमा इस्ला धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम के व्यक्तित्व पर बयान फरमाएंगे।
13 रबि उल अव्वल 27 अगस्त को रात्रि 9:30 बजे से 11:30 बजे तक हुसैनी चौक में मुस्लिम उलेमा इस्ला धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम के व्यक्तित्व पर बयान फरमाएंगे।
14 रबि उल अव्वल 28 अगस्त को 27 अगस्त को रात्रि 9:30 बजे से 11:30 बजे तक हुसैनी चौक में इस्ला धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम के व्यक्तित्व पर नातिया मुशायरा होगा, जिसमें शायर, कवि, साहित्यकार अपने कलाम व रचना प्रस्तुत करेंगे।



टॉप न्यूज़










शेयर करें












































