🔥 ट्रेंडिंग

शाजापुर: मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई चिंता, उमस के बाद शाम को बरसे बादल

शाजापुर। जिले में मौसम का अनिश्चित क्रम जारी है। बुधवार को दिनभर रही भारी उमस के बाद शाम करीब 7:30 बजे अचानक मौसम बदला और शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश शुरू हो गई। जहाँ इस बारिश ने उमस से परेशान नागरिकों को राहत दी, वहीं खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलों को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

दिनभर उमस, शाम को बौछारें

बुधवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। हवा थमी होने के कारण दिनभर लोग पसीने और उमस से बेहाल रहे। शाम होते-होते बादलों का घनत्व बढ़ा और साढ़े सात बजे रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय मौसमी तंत्र सक्रिय होने के कारण यह स्थिति बनी है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

किसानों की बढ़ी धड़कनें

वर्तमान समय कृषि कार्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में किसानों की अधिकांश फसलें पककर पूरी तरह तैयार हैं और कटाई का कार्य शुरू होने वाला है।

नुकसान का डर: यदि बारिश की गति बढ़ती है या ओलावृष्टि होती है, तो कटी हुई और खड़ी फसलों के खराब होने का बड़ा जोखिम है। अधिक नमी से अनाज की चमक फीकी पड़ सकती है, जिससे किसानों को मंडियों में उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा।

फिलहाल, आसमान में बादलों का डेरा बना हुआ है और देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। किसान अब ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि मौसम जल्द साफ हो जाए ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित घर पहुँच सके।

शाजापुर। जिले में मौसम का अनिश्चित क्रम जारी है। बुधवार को दिनभर रही भारी उमस के बाद शाम करीब 7:30 बजे अचानक मौसम बदला और शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश शुरू हो गई। जहाँ इस बारिश ने उमस से परेशान नागरिकों को राहत दी, वहीं खेतों में पककर तैयार खड़ी फसलों को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।

दिनभर उमस, शाम को बौछारें

बुधवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। हवा थमी होने के कारण दिनभर लोग पसीने और उमस से बेहाल रहे। शाम होते-होते बादलों का घनत्व बढ़ा और साढ़े सात बजे रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, स्थानीय मौसमी तंत्र सक्रिय होने के कारण यह स्थिति बनी है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

किसानों की बढ़ी धड़कनें

वर्तमान समय कृषि कार्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में किसानों की अधिकांश फसलें पककर पूरी तरह तैयार हैं और कटाई का कार्य शुरू होने वाला है।

नुकसान का डर: यदि बारिश की गति बढ़ती है या ओलावृष्टि होती है, तो कटी हुई और खड़ी फसलों के खराब होने का बड़ा जोखिम है। अधिक नमी से अनाज की चमक फीकी पड़ सकती है, जिससे किसानों को मंडियों में उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा।

फिलहाल, आसमान में बादलों का डेरा बना हुआ है और देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। किसान अब ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि मौसम जल्द साफ हो जाए ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित घर पहुँच सके।

डायल-112 के पायलटों को मिली यूनिफॉर्म और अपॉइंटमेंट लेटर

सावनभर 24 घंटे चला अन्न क्षेत्र, समापन पर दानदाताओं और कावड़ यात्रा संचालकों का सम्मान

इंदौर से आई विशेष टीम ने शाजापुर में की सघन जांच डायरेक्ट तार और मीटर से छेड़छाड़ के मामले सामने आए

वर्कशॉप में चोरी करने वाले बदमाश को पुलिस ने पकड़ा, जांच जारी

सिर्फ 1 घंटे में कुत्तों ने 12 लोगों को बनाया शिकार, घायल पहुंचे जिला अस्पताल

error: Content is protected !!