किशोर सिंह राजपूत 9981757273
शाजापुर। मंगलवार को घरों और शिवालयों में श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का जाप हो रहा था। हर कोई महादेव की भक्ति में डूबा होकर महादेव से विश्व कल्याण की कामना कर रहा था। जिससे श्रावण माह में भी पूरे शहर में शिवरात्रि सा उल्लास नजर आ रहा था। अवसर था श्रावण की शिवरात्रि का और इस दिन सिहोर वाले पं. प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर महारूद्राभिषेक हर घर मे किया गया जिसने लगातार चौथे वर्ष भी रिकार्ड बना दिया।
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श्रावण माह की शिवरात्रि मंगलवार को शाजापुर नगर सहित जिले में मनाई गई। इस महीने में भगवान शिव के पूजन अर्चन का विशेष महत्व होता है। शिव मंदिरों में अलग-अलग तरह के अनुष्ठान किए गए घरों में ऑनलाइन महारुद्राभिषेक का आयोजन किया। यह आयोजन शाम 7 बजे शुरू हुआ जिसमें श्रद्धालुओं ने अपने घरों में धतुरा, गुलाब के फूल सहित पूजन सामग्री लेकर टीवी और मोबाइल के माध्यम से रुद्राभिषेक किया। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आ रहा था, जहां हर कोई इस अनुष्ठान को भक्ति भाव के साथ अपने घरों में कर रहा था।
फिर बना रिकार्ड, शिवमय हुआ शहर
मंगलवार को सावन महीने की शिवरात्रि पर आयोजित हुए इस धार्मिक अनुष्ठान को करने के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखा गया। यही कारण रहा कि कथावाचक पं. श्री प्रदीप मिश्रा जी के आह्वान पर संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान ने एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। गौरतलब है गत वर्ष भी पं. प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर लोगों ने श्रावण की शिवरात्रि पर महारूद्राभिषेक कर रिकार्ड बना दिया था तो इस साल भी लोगों ने उसी उत्साह के साथ महादेव और माता पार्वती का पूजन कर यह परंपरा जारी रखी। केवल शहर ही नहीं बल्कि शाजापुर जिले में भी लोगों ने अपने घरों में रुद्राभिषेक किया, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। इससे पहले भी पंडित मिश्रा इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान करा चुके हैं। रुद्राभिषेक के लिए भक्तों ने सुबह से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। जहां इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए पूजन सामग्री लेने श्रद्धालु बाजारों में पहुंचे, तो वहीं पार्थिव शिवलिंग का निर्माण भी किया। शाम करीब 7 बजे शुरू हुए रुद्राभिषेक में विधिवत रूप से भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया गया। रुद्राभिषेक पूजन के पश्चात आरती के साथ संपन्न हुआ।
चीलर नदी पर किया शिवलिंग का विसर्जन
महारूद्राभिषेक के लिए श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंग का भी निर्माण किया था। जिसका अभिषेक और पूजन श्रद्धालुओं द्वारा पं. मिश्रा द्वारा ऑनलाईन बताई गई विधि से की गई। इसके बाद उनके बताए अनुसार किसी ने अपने घरों मंे शिवलिंग का विधि-विधान से विसर्जन किया तो किसी ने चीलर नदी पर जाकर वहां पूजन-अर्चन के पश्चात शिवलिंग को नदी में विसर्जित किया। इस दौरान लोगो की भारी भीड़ जमा हो गई थी ओैर कई लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। जिससे एक बार फिर शहर में शिवरात्रि सा उल्लास और उत्साह नजर आया।



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