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शाजापुर में नारी शक्ति का दबदबा, महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर महिला अधिकारियों की मजबूत मौजूदगी

शाजापुर। महिला सशक्तिकरण की दिशा में शाजापुर जिला एक नई मिसाल पेश कर रहा है। जिले के कई महत्वपूर्ण और निर्णायक प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हाथों में है। कलेक्टर से लेकर पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित कई प्रमुख विभागों का नेतृत्व महिला अधिकारी कर रही हैं।

जिले की कमान कलेक्टर ऋजु बाफना संभाल रही हैं, वहीं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम चौहान, पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे, जिला परिवहन अधिकारी रीना किराड़े, एसडीएम मनीषा वास्कले सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर महिला अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके अलावा जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी अंजू मरावी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी नीलम चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी दीपा कीर और पुलिस आरआई वंदना सिंह भी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। महिला अधिकारियों की यह टीम जिले में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और बेहतर कानून व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। प्रशासनिक पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही है। शाजापुर ने यह संदेश दिया है कि नारी सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि नेतृत्व, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक व्यवस्था में दिखाई देने वाली वास्तविक शक्ति है। महिलाओं के हाथों में जिम्मेदारी आने से विकास और जनसेवा के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

शाजापुर। महिला सशक्तिकरण की दिशा में शाजापुर जिला एक नई मिसाल पेश कर रहा है। जिले के कई महत्वपूर्ण और निर्णायक प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हाथों में है। कलेक्टर से लेकर पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित कई प्रमुख विभागों का नेतृत्व महिला अधिकारी कर रही हैं।

जिले की कमान कलेक्टर ऋजु बाफना संभाल रही हैं, वहीं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपम चौहान, पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे, जिला परिवहन अधिकारी रीना किराड़े, एसडीएम मनीषा वास्कले सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर महिला अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके अलावा जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति अधिकारी अंजू मरावी, महिला सशक्तिकरण अधिकारी नीलम चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी दीपा कीर और पुलिस आरआई वंदना सिंह भी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। महिला अधिकारियों की यह टीम जिले में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और बेहतर कानून व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। प्रशासनिक पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही है। शाजापुर ने यह संदेश दिया है कि नारी सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि नेतृत्व, निर्णय क्षमता और प्रशासनिक व्यवस्था में दिखाई देने वाली वास्तविक शक्ति है। महिलाओं के हाथों में जिम्मेदारी आने से विकास और जनसेवा के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

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