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आज शिवमय होगा शहर, पहले सोमवार पर महादेव के दरबार में उमड़ेंगे श्रद्धालु

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर जिले सहित प्रदेशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। सुबह से ही भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना करेंगे। मंदिरों में “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।

सनातन परंपरा में श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना गया है। मान्यता है कि इस माह में श्रद्धा एवं निष्कपट भाव से की गई शिव उपासना का विशेष फल प्राप्त होता है। श्रद्धालु सोमवार व्रत रखकर बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के पुष्प एवं जल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का पूजन करेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव त्याग, करुणा, समता और लोककल्याण के प्रतीक हैं। समुद्र मंथन के दौरान संसार की रक्षा के लिए विषपान कर नीलकंठ बने भगवान शिव का जीवन मानवता, सेवा और त्याग का संदेश देता है। श्रावण मास आत्मचिंतन, संयम और सदाचार अपनाने की प्रेरणा भी देता है। श्रावण के पहले सोमवार को जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु भगवान महादेव से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना करेंगे।

हर-हर महादेव… ॐ नमः शिवाय।

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर जिले सहित प्रदेशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। सुबह से ही भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना करेंगे। मंदिरों में “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय रहेगा।

सनातन परंपरा में श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना गया है। मान्यता है कि इस माह में श्रद्धा एवं निष्कपट भाव से की गई शिव उपासना का विशेष फल प्राप्त होता है। श्रद्धालु सोमवार व्रत रखकर बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के पुष्प एवं जल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का पूजन करेंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव त्याग, करुणा, समता और लोककल्याण के प्रतीक हैं। समुद्र मंथन के दौरान संसार की रक्षा के लिए विषपान कर नीलकंठ बने भगवान शिव का जीवन मानवता, सेवा और त्याग का संदेश देता है। श्रावण मास आत्मचिंतन, संयम और सदाचार अपनाने की प्रेरणा भी देता है। श्रावण के पहले सोमवार को जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु भगवान महादेव से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना करेंगे।

हर-हर महादेव… ॐ नमः शिवाय।

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