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शाजापुर में 19 फरवरी रात से आफत की बारिश हो रही है किसान परेशान

शाजापुर में 19 फरवरी की रात 11:00 बजे से लगातार हो रही बारिश से किसानो का छिना मुह का निवाला भारतीय किसान संघ भारतीय किसान संघ ने किया निरीक्षण जिला कोषाध्यक्ष ललित नगर तहसील मंत्री ज्ञान सिंह गुर्जर ने बताया कि शाजापुर तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव सेतखेडी पचोला खामखेडा खोरिया नायता बिकलाखेडी कई गावो मे अचानक तेज बारिश ओर हवा से किसानो की फसल गेहूं मसूर राईडा लहसुन प्याज जैसी फसलों में भारी नुकसान जो किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है आज बड़ी मेहनत कर किसानों ने चाहे जल संकट हो बिजली संकट हो या खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगकर जंगली जानवरों का आतंक के बीच  दिन रात पहरा लगाकर होने वाले नुकसान से बचाकर फसल को पैदा करता है आई फसल पर प्राकृति की मार से किसान मायूस होकर सरकार से मदद की उम्मीद लगा रहा है

किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग झटका मशीन जैसी व्यवस्था करके अपनी फसल को बचाता है आज प्राकृतिक के महाप्रकोप से जो गेहूं की फसल आड़ी गिरने के बाद 60 से 80% उसमें नुकसान हुआ है उसके बावजूद पैदावार में कमी और लागत बढ़ चुकी जहां एक बिगा मे सिर्फ कटाई में तीन से साडे तिन हजार के खर्च लगता था वही आज किसानों को 4:30 हजार रुपए तक देना पडेगा। विषय को लेकर भारतीय किसान संघ माननीय मुख्यमंत्री जी महोदय के नाम 23 फरवरी 2025 वार सोमवार को ज्ञापन दिया जाएगा

शाजापुर में 19 फरवरी की रात 11:00 बजे से लगातार हो रही बारिश से किसानो का छिना मुह का निवाला भारतीय किसान संघ भारतीय किसान संघ ने किया निरीक्षण जिला कोषाध्यक्ष ललित नगर तहसील मंत्री ज्ञान सिंह गुर्जर ने बताया कि शाजापुर तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव सेतखेडी पचोला खामखेडा खोरिया नायता बिकलाखेडी कई गावो मे अचानक तेज बारिश ओर हवा से किसानो की फसल गेहूं मसूर राईडा लहसुन प्याज जैसी फसलों में भारी नुकसान जो किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है आज बड़ी मेहनत कर किसानों ने चाहे जल संकट हो बिजली संकट हो या खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगकर जंगली जानवरों का आतंक के बीच  दिन रात पहरा लगाकर होने वाले नुकसान से बचाकर फसल को पैदा करता है आई फसल पर प्राकृति की मार से किसान मायूस होकर सरकार से मदद की उम्मीद लगा रहा है

किसान अपनी फसल की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग झटका मशीन जैसी व्यवस्था करके अपनी फसल को बचाता है आज प्राकृतिक के महाप्रकोप से जो गेहूं की फसल आड़ी गिरने के बाद 60 से 80% उसमें नुकसान हुआ है उसके बावजूद पैदावार में कमी और लागत बढ़ चुकी जहां एक बिगा मे सिर्फ कटाई में तीन से साडे तिन हजार के खर्च लगता था वही आज किसानों को 4:30 हजार रुपए तक देना पडेगा। विषय को लेकर भारतीय किसान संघ माननीय मुख्यमंत्री जी महोदय के नाम 23 फरवरी 2025 वार सोमवार को ज्ञापन दिया जाएगा

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