किशोर सिंह राजपूत 9981757273
शाजापुर । अल्प वर्षा के कारण चीलर जलाशय में जलस्तर कम होने से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना मुश्किल है। ऐसे में पेयजल संकट से बचने के लिए किसानों को कम सिंचाई में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की बोवनी करनी होगी। यह बात कलेक्टर डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े ने शनिवार को धाराखेड़ी में आयोजित कृषक-जल संवाद कार्यक्रम में कही।
🔔 यह भी पढ़ें...
कलेक्टर ने कहा कि जलाशय के पानी का उपयोग सिंचाई में करने से पेयजल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसान उपलब्ध जल का सदुपयोग करें और ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाएं।

जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने पानी की बर्बादी रोकने और कम सिंचाई वाली फसलों को प्राथमिकता देने की अपील की। उप संचालक कृषि नितेश कुमार यादव ने जल संरक्षण की तकनीकों और कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की जानकारी दी। वहीं, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री अनमोल टोप्पो ने जलाशय में कम पानी होने से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी ने भी ग्रामीणों से पेयजल बचाने की अपील की।
ड्रिप-स्प्रिंकलर अपनाने वाले किसान सम्मानित
कार्यक्रम में कलेक्टर ने ड्रिप और स्प्रिंकलर से उन्नत खेती करने वाले किसानों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान एसडीएम मनीषा वास्कले, सरपंच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।



टॉप न्यूज़










शेयर करें















































