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शाजापुर: समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की मांग को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल

मंडी में प्रदर्शन: जिलाध्यक्ष ने सीएम की उतारी नकल, ₹2700 भाव देने की मांग

शाजापुर | शनिवार को स्थानीय कृषि उपज मंडी में गेहूं की खरीदी और भाव को लेकर जमकर हंगामा हुआ। जिला कांग्रेस कमेटी ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी में हो रही देरी और कम दामों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने मंडी में पहुंचकर नारेबाजी की और किसानों को ₹2700 प्रति क्विंटल का भाव देने की मांग रखी।

बोली के बीच पहुंचे कांग्रेसी, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

दोपहर करीब 12:00 बजे कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मंडी प्रांगण पहुंचे। उस समय मंडी में नीलामी की प्रक्रिया चल रही थी। कांग्रेसियों ने बोली रुकवाकर मंडी कर्मचारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं।

जिलाध्यक्ष यनरेश्वर प्रताप सिंह ने प्रशासन और बिचौलियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा:

“मंडी में किसानों का गेहूं महज ₹1100 से ₹2100 प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल ₹500 से ₹600 का सीधा नुकसान हो रहा है। प्रशासन की अनदेखी के कारण किसान अपनी पारिवारिक जरूरतों के चलते औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं।”

प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के अंदाज की नकल उतारकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर तंज कसे। किसान कांग्रेस अध्यक्ष कमल चौधरी ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि सरकार लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है और वादे के मुताबिक ₹2700 का भाव नहीं दे रही है।

मंडी में प्रदर्शन: जिलाध्यक्ष ने सीएम की उतारी नकल, ₹2700 भाव देने की मांग

शाजापुर | शनिवार को स्थानीय कृषि उपज मंडी में गेहूं की खरीदी और भाव को लेकर जमकर हंगामा हुआ। जिला कांग्रेस कमेटी ने समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी में हो रही देरी और कम दामों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने मंडी में पहुंचकर नारेबाजी की और किसानों को ₹2700 प्रति क्विंटल का भाव देने की मांग रखी।

बोली के बीच पहुंचे कांग्रेसी, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

दोपहर करीब 12:00 बजे कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मंडी प्रांगण पहुंचे। उस समय मंडी में नीलामी की प्रक्रिया चल रही थी। कांग्रेसियों ने बोली रुकवाकर मंडी कर्मचारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं।

जिलाध्यक्ष यनरेश्वर प्रताप सिंह ने प्रशासन और बिचौलियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा:

“मंडी में किसानों का गेहूं महज ₹1100 से ₹2100 प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल ₹500 से ₹600 का सीधा नुकसान हो रहा है। प्रशासन की अनदेखी के कारण किसान अपनी पारिवारिक जरूरतों के चलते औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर हैं।”

प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के अंदाज की नकल उतारकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर तंज कसे। किसान कांग्रेस अध्यक्ष कमल चौधरी ने भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि सरकार लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है और वादे के मुताबिक ₹2700 का भाव नहीं दे रही है।

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