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भाजपा नेता का बैंक खाता बना साइबर ठगों का ‘म्यूल अकाउंट 11 राज्यों की ठगी से जुड़े तार

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

21.05 करोड़ की साइबर ठगी मामले में बड़ा खुलासा, हर ट्रांजेक्शन पर 2% कमीशन लेने का आरोप; महाराष्ट्र पुलिस को भी तलाश

शाजापुर। ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार शाजापुर निवासी भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को लेकर राज्य साइबर पुलिस की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा संचालित बैंक खाता देशभर में हुई 11 साइबर ठगी की वारदातों में रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया गया। इनमें महाराष्ट्र की एक बड़ी साइबर ठगी भी शामिल है, जिसके संबंध में वहां की पुलिस भी उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस के अनुसार, जिस खाते में ठगी की रकम पहुंची वह एक सामाजिक संगठन के नाम पर संचालित था, लेकिन उसके संचालन के अधिकार आरोपी के पास थे। आरोप है कि इसी खाते को साइबर ठगों के ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में उपयोग किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर करीब दो प्रतिशत कमीशन लेता था। डेढ़ माह में इस खाते से तीन करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर 76 बैंक खातों में 106 किश्तों में 21.05 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। इनमें से 50 लाख रुपये आरोपी के खाते में पहुंचे थे। इसके बाद रकम सागर जिले के कुछ खातों में ट्रांसफर किए जाने के भी सुराग मिले हैं। राज्य साइबर पुलिस की अलग-अलग टीमें अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

21.05 करोड़ की साइबर ठगी मामले में बड़ा खुलासा, हर ट्रांजेक्शन पर 2% कमीशन लेने का आरोप; महाराष्ट्र पुलिस को भी तलाश

शाजापुर। ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट से 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार शाजापुर निवासी भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को लेकर राज्य साइबर पुलिस की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा संचालित बैंक खाता देशभर में हुई 11 साइबर ठगी की वारदातों में रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया गया। इनमें महाराष्ट्र की एक बड़ी साइबर ठगी भी शामिल है, जिसके संबंध में वहां की पुलिस भी उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस के अनुसार, जिस खाते में ठगी की रकम पहुंची वह एक सामाजिक संगठन के नाम पर संचालित था, लेकिन उसके संचालन के अधिकार आरोपी के पास थे। आरोप है कि इसी खाते को साइबर ठगों के ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में उपयोग किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर करीब दो प्रतिशत कमीशन लेता था। डेढ़ माह में इस खाते से तीन करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर 76 बैंक खातों में 106 किश्तों में 21.05 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। इनमें से 50 लाख रुपये आरोपी के खाते में पहुंचे थे। इसके बाद रकम सागर जिले के कुछ खातों में ट्रांसफर किए जाने के भी सुराग मिले हैं। राज्य साइबर पुलिस की अलग-अलग टीमें अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

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