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हाईवे द्वार पर निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप

शाजापुर। नगर के शहरी हाईवे पर लालघाटी स्थित ढाई करोड़ रुपए की लागत से बन रहे द्वार के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत सामने आई है। क्षेत्रीय सांसद के समर्थक ने इस संबंध में कलेक्टर से शिकायत की थी।

शिकायत के बाद कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। इस टीम में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री हर्षवर्धन, डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे और आरईएस के कार्यपालन यंत्री को शामिल किया गया। टीम ने बुधवार को निर्माण स्थल का दौरा कर द्वार के पिलरों से जांच के लिए नमूने एकत्र किए।

यह लगाया था आरोप

भाजपा नेता ने आरोप लगाया था कि द्वार के निर्माण में अनुमानित लागत के अनुसार काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 20 एमएम के सरिए का उपयोग होना था, लेकिन 16 एमएम के सरिए लगाए गए हैं। भाजपा ने नगरपालिका इंजीनियर के समक्ष भी सरिए दिखाए थे। इसके अतिरिक्त, रेत में मिट्टी मिली होने जैसी घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का भी आरोप है। जिसके बाद प्रशासन ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है।

इनका कहना है

कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने जांच की है। अभी तक जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया है, लेकिन नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निर्माण की गुणवत्ता स्पष्ट हो पाएगी।

हर्षवर्धन सिंह, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग – शाजापुर

शाजापुर। नगर के शहरी हाईवे पर लालघाटी स्थित ढाई करोड़ रुपए की लागत से बन रहे द्वार के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत सामने आई है। क्षेत्रीय सांसद के समर्थक ने इस संबंध में कलेक्टर से शिकायत की थी।

शिकायत के बाद कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की। इस टीम में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री हर्षवर्धन, डिप्टी कलेक्टर नेहा गंगारे और आरईएस के कार्यपालन यंत्री को शामिल किया गया। टीम ने बुधवार को निर्माण स्थल का दौरा कर द्वार के पिलरों से जांच के लिए नमूने एकत्र किए।

यह लगाया था आरोप

भाजपा नेता ने आरोप लगाया था कि द्वार के निर्माण में अनुमानित लागत के अनुसार काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 20 एमएम के सरिए का उपयोग होना था, लेकिन 16 एमएम के सरिए लगाए गए हैं। भाजपा ने नगरपालिका इंजीनियर के समक्ष भी सरिए दिखाए थे। इसके अतिरिक्त, रेत में मिट्टी मिली होने जैसी घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का भी आरोप है। जिसके बाद प्रशासन ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है।

इनका कहना है

कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने जांच की है। अभी तक जांच में ऐसा कुछ नहीं पाया गया है, लेकिन नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निर्माण की गुणवत्ता स्पष्ट हो पाएगी।

हर्षवर्धन सिंह, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग – शाजापुर

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