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20 तारीख को बंद रहेगी शाजापुर जिले की समस्त दवाई की दुकान 

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर। जिले की समस्त दुकाने 20 मई 2026 को बंद रहेगी ऑल इंडिया केमिस्ट संगठन के आह्वान पर भारत की समस्त 12.40 लाख केमिस्ट हड़ताल पर रहेंगे विभिन्न प्रकरणों के पर बार-बार निवेदन करने के बावजूद केंद्र एवं राज्य शासन के स्तर पर विभिन्न प्राधिकरणों के समक्ष बार-बार निवेदन करने के बावजूद औषधि व्यापार एवं जन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दे अब तक अनसुलझे हैं । जिला केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विकास सिंदल ने बताया कि देश में आज भी अवैध ई फार्मेसी का संचालन किया जा रहा है जो की दिनांक 28/ 8 /2018 को जारी अधिसूचना GSR 817(E) के कारण हो रहा है एवं इसकी वजह से बड़े-बड़े कॉर्पोरेट प्रेडेटरी मूल्य निर्धारण कर रहे हैं जिस वजह से आम दवा विक्रेता प्रतिस्पर्धा से बाहर हो रहा है| विकास सिंदल ने बताया कि अधिसूचना GSR 220 (E) जो कि कोविद जेसे आपातकाल में जारी किया था उसका दुरुपयोग करके अवैध ऑनलाइन फार्मेसी का संचालन किया जा रहा है इस तरह की परिस्थितियों न केवल छोटे एवं मध्यम केमिस्ट के अस्तित्व के लिए खतरा है बल्कि जन स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न हो रहा है । इसकी वजह से वैध चिकित्सीय पर्चा पर दवाइयां की बिक्री बाधित हो रही है, पुराने पर्चों का बार-बार दुरुपयोग हो रहा है, एंटीबायोटिक की आदतें पुराने पर्चों पर जो की दवाइयां बार-बार लेने की वजह से पनप रही है, नकली अथवा सत्यापन योग्य न होने वाले प्रिस्क्रिप्शन पर दवाइयां की उपलब्धता बढ़ रही है, फार्मासिस्ट एवं रोगी के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अभाव हो रहा है, आप सभी को ज्ञात हो कि दवाइयां कोई सामान्य वस्तु नहीं है यह सीधे जन स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है, और इसमें बड़े कॉर्पोरेट द्वारा अत्यधिक छुट के माध्यम से अपनी जा रही हिंसक मूल्य निर्धारण की नीतियां निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को विकृत कर रही है जिससे छोटे केमिस्ट के अस्तित्व बनाए रखने कठिन होता जा रहा है।

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर। जिले की समस्त दुकाने 20 मई 2026 को बंद रहेगी ऑल इंडिया केमिस्ट संगठन के आह्वान पर भारत की समस्त 12.40 लाख केमिस्ट हड़ताल पर रहेंगे विभिन्न प्रकरणों के पर बार-बार निवेदन करने के बावजूद केंद्र एवं राज्य शासन के स्तर पर विभिन्न प्राधिकरणों के समक्ष बार-बार निवेदन करने के बावजूद औषधि व्यापार एवं जन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दे अब तक अनसुलझे हैं । जिला केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विकास सिंदल ने बताया कि देश में आज भी अवैध ई फार्मेसी का संचालन किया जा रहा है जो की दिनांक 28/ 8 /2018 को जारी अधिसूचना GSR 817(E) के कारण हो रहा है एवं इसकी वजह से बड़े-बड़े कॉर्पोरेट प्रेडेटरी मूल्य निर्धारण कर रहे हैं जिस वजह से आम दवा विक्रेता प्रतिस्पर्धा से बाहर हो रहा है| विकास सिंदल ने बताया कि अधिसूचना GSR 220 (E) जो कि कोविद जेसे आपातकाल में जारी किया था उसका दुरुपयोग करके अवैध ऑनलाइन फार्मेसी का संचालन किया जा रहा है इस तरह की परिस्थितियों न केवल छोटे एवं मध्यम केमिस्ट के अस्तित्व के लिए खतरा है बल्कि जन स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न हो रहा है । इसकी वजह से वैध चिकित्सीय पर्चा पर दवाइयां की बिक्री बाधित हो रही है, पुराने पर्चों का बार-बार दुरुपयोग हो रहा है, एंटीबायोटिक की आदतें पुराने पर्चों पर जो की दवाइयां बार-बार लेने की वजह से पनप रही है, नकली अथवा सत्यापन योग्य न होने वाले प्रिस्क्रिप्शन पर दवाइयां की उपलब्धता बढ़ रही है, फार्मासिस्ट एवं रोगी के बीच प्रत्यक्ष संवाद का अभाव हो रहा है, आप सभी को ज्ञात हो कि दवाइयां कोई सामान्य वस्तु नहीं है यह सीधे जन स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है, और इसमें बड़े कॉर्पोरेट द्वारा अत्यधिक छुट के माध्यम से अपनी जा रही हिंसक मूल्य निर्धारण की नीतियां निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को विकृत कर रही है जिससे छोटे केमिस्ट के अस्तित्व बनाए रखने कठिन होता जा रहा है।

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