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श्वानों से बचने के प्रयास में कुएं में गिरे 13 हिरण, सभी की मौत

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

कालापीपल के खरदौनकलां गांव की घटना; कुएं में एक आवारा श्वान भी मृत मिला, वन विभाग ने कराया पोस्टमार्टम, एक-दो दिन पुरानी बताई जा रही घटना

शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र के खरदौनकलां गांव में वन्यजीवों की सामूहिक मौत की दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक खेत के कुएं में 13 हिरण और एक आवारा श्वान मृत अवस्था में मिले। रविवार को खेत मालिक कीटनाशक का छिड़काव करने खेत पर पहुंचे तो कुएं से तेज दुर्गंध आने पर नीचे देखा। अंदर बड़ी संख्या में हिरणों के शव पड़े थे। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरणों का झुंड संभवतः आवारा श्वानों के हमले से बचने के लिए तेज गति से भाग रहा था। इसी दौरान क्षतिग्रस्त मुंडेर वाले कुएं में सभी हिरण एक-एक कर गिर गए। उनका पीछा कर रहा एक आवारा श्वान भी कुएं में गिरने से मर गया। मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं। शवों की स्थिति देखकर अधिकारियों ने आशंका जताई कि घटना एक से दो दिन पहले हुई होगी।

वन विभाग ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में सभी शवों को बाहर निकलवाया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पोस्टमार्टम कराने के बाद सभी हिरणों और श्वान का मौके पर ही अंतिम संस्कार किया गया। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।

कालापीपल क्षेत्र हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। लगभग दो माह पहले ही यहां से करीब 800 हिरणों को अन्य वन अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया था। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और खुले, असुरक्षित कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थान: खरदौनकलां गांव, कालापीपल (शाजापुर) मृत हिरण: 13 (4 नर, 9 मादा) मृत श्वान: 1

संभावित कारण: श्वानों से बचते समय खुले कुएं में गिरना कार्रवाई: पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार, जांच जारी

 

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

कालापीपल के खरदौनकलां गांव की घटना; कुएं में एक आवारा श्वान भी मृत मिला, वन विभाग ने कराया पोस्टमार्टम, एक-दो दिन पुरानी बताई जा रही घटना

शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र के खरदौनकलां गांव में वन्यजीवों की सामूहिक मौत की दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक खेत के कुएं में 13 हिरण और एक आवारा श्वान मृत अवस्था में मिले। रविवार को खेत मालिक कीटनाशक का छिड़काव करने खेत पर पहुंचे तो कुएं से तेज दुर्गंध आने पर नीचे देखा। अंदर बड़ी संख्या में हिरणों के शव पड़े थे। सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हिरणों का झुंड संभवतः आवारा श्वानों के हमले से बचने के लिए तेज गति से भाग रहा था। इसी दौरान क्षतिग्रस्त मुंडेर वाले कुएं में सभी हिरण एक-एक कर गिर गए। उनका पीछा कर रहा एक आवारा श्वान भी कुएं में गिरने से मर गया। मृत हिरणों में चार नर और नौ मादा शामिल हैं। शवों की स्थिति देखकर अधिकारियों ने आशंका जताई कि घटना एक से दो दिन पहले हुई होगी।

वन विभाग ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में सभी शवों को बाहर निकलवाया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार पोस्टमार्टम कराने के बाद सभी हिरणों और श्वान का मौके पर ही अंतिम संस्कार किया गया। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।

कालापीपल क्षेत्र हिरणों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है। लगभग दो माह पहले ही यहां से करीब 800 हिरणों को अन्य वन अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया था। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और खुले, असुरक्षित कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थान: खरदौनकलां गांव, कालापीपल (शाजापुर) मृत हिरण: 13 (4 नर, 9 मादा) मृत श्वान: 1

संभावित कारण: श्वानों से बचते समय खुले कुएं में गिरना कार्रवाई: पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार, जांच जारी

 

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