किशोर सिंह राजपूत 9981757273
मोहन बड़ोदिया। थाना क्षेत्र के गांव के रहने वाले 24 वर्षीय किसान के साथ ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर तीन लाख 70 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि खुद को एक निजी फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताने वाले लोगों ने प्रोसेसिंग फीस, टीडीएस, जीएसटी, इंश्योरेंस, ट्रांसफर चार्ज, आरबीआई वेरिफिकेशन, स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क के नाम पर अलग-अलग किश्तों में उससे बड़ी रकम वसूल ली, लेकिन न तो लोन दिया और न ही जमा राशि वापस की।
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पीड़ित ने बताया कि 20 नवंबर 2025 को उसे एक मोबाइल नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को धनी फाइनेंस का कर्मचारी बताते हुए लोन दिलाने का भरोसा दिया। पैसों की आवश्यकता होने के कारण उसने लोन के लिए सहमति दे दी। इसके बाद उसे व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड और ईमेल के माध्यम से अलग-अलग शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए गए।
पहले प्रोसेसिंग फीस, फिर टीडीएस, सर्विस चार्ज, जीएसटी, ट्रांसफर चार्ज, पहली किश्त, इंश्योरेंस, आरबीआई वेरिफिकेशन और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार कई बैंक खातों और यूपीआई आईडी में रकम जमा कराई गई। आरोप है कि हर बार यह आश्वासन दिया जाता रहा कि यह अंतिम भुगतान है और इसके बाद लोन की पूरी राशि तथा जमा किया गया पैसा उसके खाते में वापस आ जाएगा। पीड़ित का कहना है कि जब उसने आगे भुगतान करने से मना किया और अपने पैसे वापस मांगे, तब आरोपियों ने पैसे वापस न करने की बात कही। इतना ही नहीं, उसे पुलिस भेजने, बर्बाद करने और 25 लाख रुपये का लोन दिखाकर ईएमआई शुरू करने जैसी धमकियां भी दी गईं। डर के कारण उसने कुछ और भुगतान भी किया।
बताया कि मार्च 2026 तक उससे अलग-अलग माध्यमों से कुल तीन लाख 70 हजार रुपये की राशि जमा कराई गई। इसके बाद भी आरोपी लगातार नई-नई रकम की मांग करते रहे। जून 2026 में भी नए मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर पैसे मांगे गए। जब उसने आरोपियों से उनकी लोकेशन मांगी तो उन्होंने बताने से इनकार कर दिया और फिर संपर्क बंद कर दिया। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करते हुए आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई करने तथा उसकी ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।



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