किशोर सिंह राजपूत 9981757273
5 मोहर्रम से इमरान खरखरे की सदारत में शुरू होगा जुलूसों का सिलसिला
शाजापुर। कर्बला के मैदान में नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 जानिसारों की अजीम कुर्बानी की याद में मनाया जाने वाला गम का महीना मोहर्रम-उल-हराम शहर में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हो गया है। मोहर्रम की पहली तारीख बुधवार को शहर में उस वक्त एक रूहानी और तारीखी मंजर देखने को मिला, जब इमाम हुसैन की वफादार सवारी की याद में एशिया का सबसे बड़ा शाही शबीह-ए-दुलदुल हुसैनी चौक की तरफ रवाना हुआ। शहर के इमामबाड़े से यह मुकद्दस शबीह-ए-दुलदुल अकीदतमंदों के कंधों पर सवार होकर पूरे अदब और या हुसैन की सदाओं के बीच हुसैनी चौक पहुंचा।
यहां दुलदुल को बाकायदा मुकाम दिया गया, जहां अब शहर के अकीदतमंद लगातार हाजिरी देकर जियारत का शरफ हासिल करेंगे। मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी सैयद आफताब अली ने बताया कि मोहर्रम की 5 तारीख से शहर में जुलूसों का सिलसिला बाकायदा तौर पर शुरू हो जाएगा। यह तमाम जुलूस सदर इमरान खरखरे की सदारत में निकाले जाएंगे। इन जुलूसों में शबीह-ए-दुलदुल, बुर्राक और ताजियों के कारवां मुख्य रूप से शामिल होंगे, जहां अकीदतमंद कर्बला के शहीदों को अपना खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे। दुलदुल को मुकाम देते समय मोहर्रम कमेटी सदर इमरान खरखरे , शमीम शम्मू, अकरम ठेकेदार, सबदर भाई, सलीम भाई, सोहराब भाई सहित समाजजन मौजूद थे।



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