किशोर सिंह राजपूत 9981757273
शाजापुर। शहर के ज्योति नगर इलाके में एक चिंताजनक घटना सामने आई, जहां मस्जिद के सामने बने एक गहरे नाले के चैंबर में अचानक एक नंदी (बैल) गिरकर बुरी तरह फंस गया। गनीमत रही कि समय रहते गौरक्षा सेना के युवाओं को इसकी भनक लग गई और उनकी सूझबूझ व अथक प्रयास से बेजुबान जानवर की जान सुरक्षित बच गई। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थानीय नागरिकों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे के आस-पास संदीप प्रजापत नामक एक जागरूक नागरिक ने नाले के संकरे चैंबर में नंदी को फंसा हुआ देखा। उन्होंने बिना देर किए इसकी सूचना गौरक्षा सेना के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा को दी। बेजुबान जानवर की जान खतरे में होने की खबर मिलते ही धर्मेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गौरक्षा सेना की एक रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई। इस टीम में हर्षित परमार, शिवम बिरथरे, अक्षय गुर्जर, चिंटू परमार, चंद्रशेखर जाटव, ललित राठौर और योगेश मेवाड़ा शामिल थे।
मौके पर पहुंचकर टीम ने स्थिति का जायजा लिया और सबसे पहले मोटे रस्सों की मदद से नंदी को ऊपर खींचने के दो प्रयास किए। लेकिन चैंबर के अंदर निकले हुए नुकीले लोहे के सरियों के कारण यह तरीका काम नहीं आया। युवाओं ने देखा कि रस्से से खींचने पर सरियों की वजह से नंदी को गंभीर चोटें आ सकती हैं।
बेजुबान को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए टीम ने तुरंत अपनी रणनीति बदली। सदस्यों ने अत्यंत सावधानी बरतते हुए भारी हथौड़े की मदद से चैंबर के एक हिस्से को तोड़कर जगह को चौड़ा करना शुरू किया। काफी देर तक चली इस कड़ी मशक्कत के बाद, टीम के संयुक्त प्रयासों से नंदी महाराज को बिना किसी गंभीर चोट के सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।
स्थानीय रहवासियों की भीड़ इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद रही। नंदी के सुरक्षित बाहर आते ही लोगों ने राहत की सांस ली और बेजुबान जानवर के प्रति गौरक्षा सेना की इस त्वरित कार्रवाई, साहस और निस्वार्थ जीव सेवा की भूरी-भूरी प्रशंसा की।



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