किशोर सिंह राजपूत 998175727
2019 बैच की आईपीएस प्रियंका शुक्ला संभालेंगी जिले की कमान, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर रहेगा विशेष फोकस
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शाजापुर। मध्यप्रदेश गृह विभाग द्वारा शुक्रवार देर रात जारी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की तबादला सूची में शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत का स्थानांतरण पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर के पद पर किया गया है। वहीं 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। बतौर एसपी यह उनकी पहली जिला पदस्थापना होगी। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) के पद पर कार्यरत थीं।
स्थानांतरण के बाद एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि शाजापुर में सेवा के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन पूरी पुलिस टीम के सहयोग और बेहतर समन्वय से हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया गया। उन्होंने कहा कि जिले के लोगों का स्नेह, विश्वास और सहयोग हमेशा उनकी यादों में रहेगा।
वहीं नवागत एसपी प्रियंका शुक्ला ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकताओं में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाना, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, नशे और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आईपीएस अधिकारियों का परिवार, अनुभव का मिलेगा लाभ
प्रियंका शुक्ला ऐसे परिवार से आती हैं जहां कई सदस्य भारतीय पुलिस सेवा में रहे हैं। उनके दादाजी सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं, जबकि ताऊ शशिकांत शुक्ला और ताई मोनिका शुक्ला भी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी ताई मोनिका शुक्ला शाजापुर की पुलिस अधीक्षक रह चुकी हैं, इसलिए जिले की परिस्थितियों और कानून व्यवस्था का अनुभव परिवार के माध्यम से भी उन्हें मिलेगा। उनकी छोटी बहन मिनी शुक्ला भी 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।
यशपाल सिंह राजपूत का रहा उल्लेखनीय कार्यकाल
यशपाल सिंह राजपूत ने शाजापुर में सबसे लंबे समय तक पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं देने का रिकॉर्ड बनाया। उनके कार्यकाल में सामुदायिक पुलिसिंग को विशेष बढ़ावा मिला, जिससे पुलिस और आमजन के बीच विश्वास मजबूत हुआ। अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, डिजिटल पुलिसिंग और पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य व तनाव प्रबंधन के लिए योग शिविर जैसे कई नवाचार किए गए। इन प्रयासों के चलते जिले में अपराध और सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई तथा महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला। लंबे समय से शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखने में भी पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही।



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