निकुंज महेश्वरी नलखेड़ा
सुसनेर एसडीएम द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी
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बगलामुखी मन्दिर के पंडितों ने विरोध में अनिश्चितकाल के लिए हवन अनुष्ठान बन्द कर किया प्रदर्शन,मंदिर के समस्त प्रभार सौपे अन्य डिप्टी कलेक्टर को
आगर मालवा। नलखेड़ा नगर में स्थित विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा सिद्धपीठ माँ बगलामुखी मन्दिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम के विरोध में अनिश्चितकाल के लिए हवन अनुष्ठान बन्द कर प्रदर्शन
शुरू किया। वहीं मन्दिर पहुंचे एसडीएम सर्वेश यादव का घेराव कर एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। दिनभर चली गहमागहमी के बाद मां बगलामुखी मंदिर के समस्त प्रभारी से एसडीएम श्री यादव को कार्यमुक्त कर डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को प्रभार सौपे गए है।
गुरुवार को दोपहर 12 बजे से मां बगलामुखी मंदिर पर हवन पूजन करवाने वाले पंडितों ने एसडीएम श्री यादव द्वारा ब्राह्मणों के खिलाफ अपशब्द कहने व मनमानी करने के आरोप लगाते हुवे हवन पूजन का कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कर विरोध प्रदर्शन करना प्रारम्भ कर दिया था।

सभी पंडित मन्दिर परिसर में ही एसडीएम के विरोध में धरने पर बैठ गए। एसडीएम सुसनेर का पंडितों को अपशब्द कहने की एक कॉल रिकार्डिंग भी हुई जिसके बाद पंडितों में नाराजगी दिखाई दी। पंडितों ने जमकर प्रदर्शन करते हुए सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की।
पंडितों का आरोप है कि एसडीएम बिना पूर्व सूचना और बिना किसी से चर्चा किए मनमाने ढंग से नए नियम लागू कर रहे हैं। जिससे वर्षों से सेवा दे रहे पंडितों को लगातार परेशान किया जा रहा है। पंडितों ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम द्वारा उन्हें अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया जाता है और स्वयं को मुख्यमंत्री मोहन यादव का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाया जाता है।
आक्रोशित पंडितों ने मंदिर परिसर में एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकाल के लिए हवन-अनुष्ठान बंद करने की घोषणा कर दी।
मामले की जानकारी मिलते ही तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव और थाना प्रभारी नागेश यादव मंदिर परिसर पहुंचे जहां पंडितों से चर्चा कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन पंडित अपनी मांग पर अडिग रहे।
मामला तूल पकड़ने के बाद एडीएम आरपी वर्मा एवं एडिशनल एसपी रविन्द्र कुमार बोयट मंदिर पहुंचे जहाँ उनके द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष आंदोलनकारी पंडितों से चर्चा उपरांत कलेक्टर के आदेशानुसार मां बगलामुखी मंदिर से सम्बंधित समस्त प्रभारों से एसडीएम सर्वेश यादव को कार्यमुक्त करते हुवे डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को मां बगलामुखी मंदिर प्रबंध समिति के समस्त कार्यभार सौपे गए।
एडीएम के उक्त आदेश के बाद आक्रोशित पंडित हवन पूजन का कार्य प्रारंभ करने पर सहमत हुवे।
-जनप्रतिनिधियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका-
सम्पूर्ण मामले के पटाक्षेप में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पूर्व विधायक राणा विक्रमसिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रेम मस्ताना, जिला मंत्री पवन वेदिया, मंडल अध्यक्ष रोहित सकलेचा, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष प्रेम राठौर ,नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय सोनी , पार्षद गोर्वधन वेदियां सहित अन्य कई जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन व पंडितों के मध्य मध्यस्ता कर पंडितों को समझाइश देकर व प्रशासन के समक्ष पंडितों की जायज मांगो को रखकर मामले का पटाक्षेप करवाया।
-अपमानजनक टिप्पणी से समाज मे रोष-
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेन्द्र मिश्र ने मामले में कहा है कि ब्राह्मण समाज को लेकर जिस तरह से लगातार अधिकारियों द्वारा बयानबाजी की जा रही है इससे समाज बेहद व्यथित और आक्रोशित है। आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में एसडीएम सर्वेश यादव ने ब्राह्मणों को हरामखोर कह दिया।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण हरामखोर होता है। यादव के इस बयान को लेकर ब्राह्मण समाज में रोष व्याप्त है। समाज इस तरह की टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर यादव पर शासन एक्शन नहीं लेती है समाज अपने सम्मान को लेकर सड़क पर उतर कर अपना विरोध प्रदर्शित करेगा।
इनका कहना है –
पंडितों के धरना प्रदर्शन की जानकारी लगने पर यहाँ आये जहाँ सभी पक्षो से चर्चा करने के बाद यह निष्कर्ष निकला कि एसडीएम द्वारा कुछ आपत्तिजनक कहा गया जिससे पंडितों में आक्रोश है। कलेक्टर के आदेशानुसार एसडीएम सर्वेश यादव को मां बगलामुखी मंदिर से सम्बंधित सभी कार्यभार से मुक्त करते हुवे डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को कार्यभार सौपा गया है



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