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स्व-सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

शाजापुर माँ राजराजेश्वरी मंदिर प्रांगण से ‘वोकल फॉर लोकल’ का शंखनाद; कलेक्टर ने किया आजीविका मिशन का शुभारंभ

शाजापुर। प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए शाजापुर के ऐतिहासिक माँ राजराजेश्वरी मंदिर प्रांगण में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के अंतर्गत एक विशेष प्रदर्शनी और अभियान का शुभारंभ किया गया। बुधवार को जिला कलेक्टर ने विधिवत पूजन-अर्चन कर इस मिशन की शुरुआत की, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और महिला उद्यमियों को मंच प्रदान करना है।

महिलाओं का उत्साह और शक्ति प्रदर्शन

शुभारंभ अवसर पर जिले के विभिन्न स्व-सहायता समूहों (SHGs) की बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कलेक्टर ने समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और उनके द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, घरेलू सामग्री और अन्य उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं, बल्कि समाज में अपनी विशिष्ट पहचान भी बना रही हैं।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच

मिशन के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि मंदिर आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक इन उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे “लोकल” को “ग्लोबल” बनाने का सपना साकार हो सके। कार्यक्रम के दौरान मिशन के अधिकारी रहे।

शाजापुर माँ राजराजेश्वरी मंदिर प्रांगण से ‘वोकल फॉर लोकल’ का शंखनाद; कलेक्टर ने किया आजीविका मिशन का शुभारंभ

शाजापुर। प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए शाजापुर के ऐतिहासिक माँ राजराजेश्वरी मंदिर प्रांगण में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) के अंतर्गत एक विशेष प्रदर्शनी और अभियान का शुभारंभ किया गया। बुधवार को जिला कलेक्टर ने विधिवत पूजन-अर्चन कर इस मिशन की शुरुआत की, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और महिला उद्यमियों को मंच प्रदान करना है।

महिलाओं का उत्साह और शक्ति प्रदर्शन

शुभारंभ अवसर पर जिले के विभिन्न स्व-सहायता समूहों (SHGs) की बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कलेक्टर ने समूहों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया और उनके द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, घरेलू सामग्री और अन्य उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन रही हैं, बल्कि समाज में अपनी विशिष्ट पहचान भी बना रही हैं।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच

मिशन के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी सहायता प्रदान की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि मंदिर आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक इन उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे “लोकल” को “ग्लोबल” बनाने का सपना साकार हो सके। कार्यक्रम के दौरान मिशन के अधिकारी रहे।

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