शाजापुर। वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य में जहाँ सत्ता की लोलुपता और व्यक्तिगत लाभ सर्वोपरि होते जा रहे हैं, वहीं शाजापुर जिले में एक ऐसा व्यक्तित्व उभर कर सामने आया है जिसने ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’ के संकल्प को धरातल पर उतारने का बीड़ा उठाया है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला अध्यक्ष राजेश गोयल इन दिनों समाज के बीच चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। वे न केवल एक राजनैतिक नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं, बल्कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों की मशाल लेकर गाँव-गाँव, गली-गली अंबेडकरवाद की अलख जगा रहे हैं।
राजेश गोयल की सबसे बड़ी शक्ति उनका सरल और सहज व्यक्तित्व है। वे उन नेताओं में से नहीं हैं जो केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं; बल्कि वे 24 घंटे समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते हैं। चाहे किसी पीड़ित को न्याय दिलाना हो या किसी गरीब परिवार की समस्या का समाधान करना, गोयल अपनी पूरी टीम के साथ मौके पर पहुँचते हैं।
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उनकी कार्यशैली की सबसे खास बात यह है कि वे शोषित और वंचित वर्ग के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। जिला अध्यक्ष के रूप में उन्होंने शाजापुर जिले में आजाद समाज पार्टी के संगठन को एक नई ऊर्जा प्रदान की है।
राजेश गोयल का मानना है कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति शिक्षित और जागरूक नहीं होगा, तब तक वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है। अपने जनसंपर्क अभियानों के दौरान वे लोगों को बताते हैं कि:
आम जन को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति सचेत करना। बहुजन समाज को संगठित कर अपनी राजनैतिक शक्ति का अहसास कराना।
गोयल के इन प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। जहाँ भी वे जाते हैं, युवाओं और बुजुर्गों का उन्हें भरपूर स्नेह और समर्थन मिल रहा है। विशेष रूप से युवा वर्ग उनके जुझारू तेवरों और निडरता से काफी प्रभावित है। समाज के लोगों का कहना है कि राजेश गोयल के रूप में उन्हें एक ऐसा साथी मिला है जो उनकी पीड़ा को न केवल समझता है, बल्कि उसे शासन-प्रशासन तक पहुँचाने का साहस भी रखता है।
“हमारा लक्ष्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि उस वर्ग को सम्मान दिलाना है जिसे सदियों से हाशिए पर रखा गया है। हम बाबा साहब और मान्यवर कांशीराम जी के सपनों का भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
शाजापुर में आजाद समाज पार्टी का बढ़ता ग्राफ और राजेश गोयल की सक्रियता ने क्षेत्र के राजनैतिक समीकरणों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पीड़ित मानवता की सेवा और न्याय की लड़ाई में गोयल का यह सफर अब एक आंदोलन का रूप ले चुका है। आने वाले समय में उनकी यह ‘अलख’ शाजापुर की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव लाती है, यह देखना दिलचस्प होगा।
फिलहाल उनसे बातचीत में उन्होंने बताया कि अभी हमारा लक्ष्य हे शाजापुर जिला पंचायत में सभी 13 वार्डो में जीत हासिल करना ओर जिला पंचायत अध्यक्ष आजाद समाज पार्टी काशीराम का बनाना



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