मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की स्वच्छता रैंकिंग पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने फर्जी करार देते हुए शहर के नलों से जहर बहने का आरोप लगाया है। लोगों को जीवित रहने के लिए साफ पानी की जरूरत है, न कि सफाई के अवॉर्ड की। वहीं उन्होंने ‘हिंदू सम्मेलन’ को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे हैं।
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बाला बच्चन से की मुलाकात, बेटी के निधन पर जताया दुख

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार सोमवार दोपहर बड़वानी जिले के राजपुर विधानसभा विधायक और पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन के पैतृक निवास कासेल पहुंचे। उन्होंने बाला बच्चन से मिलकर उनकी बेटी प्रेरणा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता भी मौजूद थे। सिंगार ने कहा कि यह बाला बच्चन के परिवार के लिए एक दुखद घड़ी है, क्योंकि उनकी बेटी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उन्होंने बाला बच्चन और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि पूरा कांग्रेस परिवार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
नकली दस्तावेजों के आधार पर हासिल किया अवॉर्ड
सिंगार ने यह भी सवाल उठाया कि इंदौर को लगातार 8 बार सबसे साफ शहर का टैग कैसे मिला, जबकि शहर में नलों से दूषित पानी आ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘नकली दस्तावेजों’ के आधार पर सफाई के अवॉर्ड हासिल किए हैं। सिंगार का आरोप था कि भाजपा सरकार असली समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों को आगे बढ़ाती रही। उन्होंने कहा कि जनता के बुनियादी अधिकार जैसे स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा हाशिये पर चले गए हैं, जबकि जगह-जगह ‘हिंदू सम्मेलन’ किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या दूषित पानी पीने वाले लोग हिंदू नहीं थे।



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