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गौतम गंभीर ने नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना

आध्यात्मिक शरण में टीम इंडिया के कोच: गौतम गंभीर ने नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना

निकुंज माहेश्वरी, नलखेड़ा

आगर-मालवा। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज गौतम गंभीर आज अपनी आध्यात्मिक यात्रा के तहत आगर-मालवा जिले के सुप्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने विश्व प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ में मत्था टेका और माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गौतम गंभीर प्रातः काल मंदिर परिसर पहुंचे, जहाँ मंदिर के पुजारियों द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। गंभीर ने न केवल माँ की प्रतिमा के दर्शन किए, बल्कि मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजन-अर्चन भी किया। इसके पश्चात, उन्होंने प्रांगण में बैठकर हवन-पूजन किया। शास्त्रीय मंत्रोच्चार के बीच हुए इस अनुष्ठान में वे काफी समय तक तल्लीन नजर आए। माना जाता है कि माँ बगलामुखी शत्रुओं पर विजय और बाधाओं के निवारण की अधिष्ठात्री देवी हैं।

गंभीर के मंदिर पहुंचने की खबर लगी, उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी इस यात्रा को काफी निजी और शांतिपूर्ण रखने का प्रयास किया। पूजा संपन्न होने के बाद पंडितों द्वारा उन्हें माँ की चुनरी और प्रसाद भेंट किया ।

भारतीय टीम के कोच के रूप में उनके सफल कार्यकाल और आगामी चुनौतियों के लिए इस दर्शन को विशेष माना जा रहा है। पूजन के उपरांत उन्होंने मंदिर की प्राचीनता और यहाँ की सकारात्मक ऊर्जा की सराहना की।

आध्यात्मिक शरण में टीम इंडिया के कोच: गौतम गंभीर ने नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना

निकुंज माहेश्वरी, नलखेड़ा

आगर-मालवा। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज गौतम गंभीर आज अपनी आध्यात्मिक यात्रा के तहत आगर-मालवा जिले के सुप्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने विश्व प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ में मत्था टेका और माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

गौतम गंभीर प्रातः काल मंदिर परिसर पहुंचे, जहाँ मंदिर के पुजारियों द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। गंभीर ने न केवल माँ की प्रतिमा के दर्शन किए, बल्कि मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजन-अर्चन भी किया। इसके पश्चात, उन्होंने प्रांगण में बैठकर हवन-पूजन किया। शास्त्रीय मंत्रोच्चार के बीच हुए इस अनुष्ठान में वे काफी समय तक तल्लीन नजर आए। माना जाता है कि माँ बगलामुखी शत्रुओं पर विजय और बाधाओं के निवारण की अधिष्ठात्री देवी हैं।

गंभीर के मंदिर पहुंचने की खबर लगी, उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी इस यात्रा को काफी निजी और शांतिपूर्ण रखने का प्रयास किया। पूजा संपन्न होने के बाद पंडितों द्वारा उन्हें माँ की चुनरी और प्रसाद भेंट किया ।

भारतीय टीम के कोच के रूप में उनके सफल कार्यकाल और आगामी चुनौतियों के लिए इस दर्शन को विशेष माना जा रहा है। पूजन के उपरांत उन्होंने मंदिर की प्राचीनता और यहाँ की सकारात्मक ऊर्जा की सराहना की।

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