धार। भोजशाला के आधिपत्य को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में दायर पांच याचिकाओं की एक साथ सुनवाई हुई जहां पिछली पेशी में भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए 98 दिन के सर्वे पर दावे आपत्तियों पर चर्चा की जानी थी लेकिन मुस्लिम पक्ष की और से सर्वे के दौरान की गई वीडियोग्राफी प्रस्तुत ना करने पर आपत्ति लिए जाने के अलावा अन्य पक्षकारों के सुझाव प्रस्तुत किए गए, दोनों ही माननीय न्यायाधीशों ने 2 अप्रैल को अगली सुनवाई करने और इससे पहले धार स्थित विवादित जमीन का दौरा माननीय न्यायाधीशों द्वारा करने के निर्देश दिए हैं।
धार के प्रतिष्ठित स्थल भोजशाला को लेकर आज हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ में अहम सुनवाई पूरी हुई। यह मामला डबल बेंच में सूची क्रमांक 45 पर लिया गया, जिसमें कुल पांच पक्षकारों की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने विस्तृत रूप से अपने-अपने पक्ष रखे। सुनवाई के दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जाती और भोज उत्सव समिति की ओर से चार महत्वपूर्ण सुझाव कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए गए। वहीं मुस्लिम पक्ष की ओर से एएसआई द्वारा किए गए 98 दिन के सर्वे का वीडियो उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। इसके साथ ही कमाल मौला मस्जिद से संबंधित पक्ष ने भी अपने तर्क कोर्ट में प्रस्तुत किए। कोर्ट ने सभी आपत्तियों और सुझावों पर विस्तृत चर्चा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि इन्हें अगली सुनवाई में शामिल किया जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि अगली तारीख से पहले हाई कोर्ट का एक दल धार स्थित भोजशाला परिसर का स्थल निरीक्षण करेगा और मौके की स्थिति का सर्वे तैयार करेगा। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसे लेकर दोनों पक्षकारों में विशेष रुचि बनी हुई है।
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