शाजापुर। श्री गिरवर हनुमान मंदिर हिंदू सम्मेलन समिति के तत्वावधान में गिरवर मंडल, शाजापुर में भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में नगर एवं ग्रामीण अंचलों से विभिन्न समाजों के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्र चेतना का परिचय दिया। आयोजन का मूल उद्देश्य समाज को “एक पंगत–एक संगत” के सूत्र में बांधना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ तक्षशिला एकेडमी स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके पश्चात एक बालिका द्वारा राष्ट्रभक्ति गीत पर प्रस्तुत आकर्षक नृत्य ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया, जिसे दर्शकों ने करतल ध्वनि के साथ सराहा।
सम्मेलन में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति रही। संत समाज से श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर कृष्ण दास जी महाराज, साध्वी हेमलता दीदी सरकार, गिरवर हनुमान मंदिर के महंत श्री महेंद्र भागवत दास जी विशेष रूप से मंचासीन रहे। मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद के विभाग मंत्री राजेश जाधम ने ओजस्वी संबोधन दिया। रहे।
संत समाज का प्रेरक उद्बोधन
साध्वी हेमलता दीदी सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि “संत, संघ और सनातन—तीनों के समन्वय से ही समाज में वास्तविक समरसता स्थापित की जा सकती है। जब समाज अपने संस्कारों से जुड़ता है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है।” उन्होंने सामाजिक एकता, संस्कार और राष्ट्रप्रेम को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
महामंडलेश्वर कृष्ण दास जी महाराज ने धर्म, संस्कृति और सेवा के माध्यम से समाज को जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हिंदू समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है। सनातन परंपरा की रक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
पंच परिवर्तन पर दिया गया विशेष बल
मुख्य वक्ता राजेश जाधम ने समाज और राष्ट्र के उत्थान हेतु पांच परिवर्तन—स्व, परिवार, समाज, पर्यावरण और राष्ट्र—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति स्वयं से परिवर्तन की शुरुआत करता है, तभी समग्र समाज और राष्ट्र का विकास संभव है।
सफल संचालन और भावपूर्ण समापन
कार्यक्रम का संचालन अर्जुन मंडलोई द्वारा किया गया।
अतिथियों का परिचय राजपाल राजपूत ने कराया। कार्यक्रम के अंत में समिति के संयोजक धीरप सिंह हांडा ने आभार व्यक्त करते हुए सभी संतों, अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमुदाय का धन्यवाद किया।
सम्मेलन का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रभक्ति और समरसता के भाव के साथ सहभागिता की। आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम का सशक्त संदेश दिया।



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