खरगोन। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला शहर की बृज विहार कॉलोनी से सामने आया है, जहां स्कूल बैग लेकर जा रही एक मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। यह पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बच्ची कुत्तों के दर से धीरे-धीरे निकलने की कोशिश कर रही है, परंतु कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नगर पालिका में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का सवाल है कि जब बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तक सुरक्षित नहीं हैं, तो नगर पालिका आखिर कब इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करेगी। इस मामले में नगर पालिका से जुड़े जिम्मेदारों का कहना है कि जब भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की जाती है, तो कुछ एनजीओ द्वारा शिकायत दर्ज करा दी जाती है, जिसके चलते प्रशासन की अपनी सीमाएं और मजबूरियां हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर में कुत्तों के हमलों से दो बालिकाओं की मौत हो चुकी है। मांगरुल रोड स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी में करीब दो साल पहले झोपड़ी में सो रही एक मासूम बच्ची को आवारा कुत्तों ने निशाना बनाया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं कुछ महीने पहले संजय नगर क्षेत्र में भी कुत्तों के हमले में एक बालिका गंभीर रूप से घायल हुई थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि नगर पालिका द्वारा वर्तमान में आवारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है और बाद में वापस छोड़ा जा रहा है। लेकिन सामाजिक संगठनों का आरोप है कि जिन स्थानों से कुत्तों को पकड़ा जाता है, उन्हें वहीं छोड़ने के बजाय अन्य क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है। नई जगह से परिचित न होने के कारण कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं और इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
खरगोन। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला शहर की बृज विहार कॉलोनी से सामने आया है, जहां स्कूल बैग लेकर जा रही एक मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। यह पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बच्ची कुत्तों के दर से धीरे-धीरे निकलने की कोशिश कर रही है, परंतु कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नगर पालिका में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का सवाल है कि जब बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तक सुरक्षित नहीं हैं, तो नगर पालिका आखिर कब इस गंभीर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करेगी। इस मामले में नगर पालिका से जुड़े जिम्मेदारों का कहना है कि जब भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की जाती है, तो कुछ एनजीओ द्वारा शिकायत दर्ज करा दी जाती है, जिसके चलते प्रशासन की अपनी सीमाएं और मजबूरियां हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में शहर में कुत्तों के हमलों से दो बालिकाओं की मौत हो चुकी है। मांगरुल रोड स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी में करीब दो साल पहले झोपड़ी में सो रही एक मासूम बच्ची को आवारा कुत्तों ने निशाना बनाया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं कुछ महीने पहले संजय नगर क्षेत्र में भी कुत्तों के हमले में एक बालिका गंभीर रूप से घायल हुई थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि नगर पालिका द्वारा वर्तमान में आवारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है और बाद में वापस छोड़ा जा रहा है। लेकिन सामाजिक संगठनों का आरोप है कि जिन स्थानों से कुत्तों को पकड़ा जाता है, उन्हें वहीं छोड़ने के बजाय अन्य क्षेत्रों में छोड़ा जा रहा है। नई जगह से परिचित न होने के कारण कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं और इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।



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