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सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत 15 दिवसीय सृजन कार्यक्रम का सफल समापन

 

शाजापुर।मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत, यूनिसेफ* मध्यप्रदेश की तकनीकी सहायता से संचालित 15 दिवसीय सृजन कार्यक्रम का आयोजन जिला शाजापुर में पुलिस अधीक्षक शाजापुर  यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशानुसार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं शिक्षा में पिछड़े बालक-बालिकाओं को सशक्त, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी बच्चों को आत्मरक्षा, लैंगिक समानता, कानूनी जागरूकता, नेतृत्व क्षमता एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।इसके अतिरिक्त बच्चों एवं युवाओं को साइबर जागरूकता एवं ऑनलाइन सेफ्टी, मोटिवेशनल क्लास, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन, संवाद कौशल, बाल अधिकार, मानव अधिकार, संविधान से संबंधित मूल तथ्यों का ज्ञान, जेंडर की समझ एवं उसका समाज पर प्रभाव, शिक्षा एवं अनुशासन का महत्व, शिक्षा से भविष्य पर पड़ने वाला प्रभाव, बाल एवं युवा प्रतिभा विकास, बाल हिंसा रोकथाम, कानून एवं पुलिस कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न पुलिस इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया।

समापन कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  घनश्याम मालवीय प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शाजापुर एवं डीएसपी अजाक  अजय मिश्रा रक्षित निरीक्षक  वंदना सिंह, थाना प्रभारी अजाक  रामचन्द्र नागर, उनि अखिलेश चौहान एवं अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आत्मरक्षा कौशल, व्यक्तिगत सुरक्षा, कानूनी अधिकारों एवं सामाजिक दायित्वों की भी जानकारी दी गई। इस आयोजन में जनसाहस संस्था के संदीप अस्ताया जिला समन्वयक, जन साहस संस्था , ज्योति सिंथिया ,. पवित्रा गोडीया, आरती सोलंकी , राहुल अर्सल* एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।

शाजापुर पुलिस की यह पहल पुलिस एवं समुदाय के मध्य विश्वास, सहयोग एवं समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

शाजापुर।मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत, यूनिसेफ* मध्यप्रदेश की तकनीकी सहायता से संचालित 15 दिवसीय सृजन कार्यक्रम का आयोजन जिला शाजापुर में पुलिस अधीक्षक शाजापुर  यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशानुसार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग एवं शिक्षा में पिछड़े बालक-बालिकाओं को सशक्त, जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी बच्चों को आत्मरक्षा, लैंगिक समानता, कानूनी जागरूकता, नेतृत्व क्षमता एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।इसके अतिरिक्त बच्चों एवं युवाओं को साइबर जागरूकता एवं ऑनलाइन सेफ्टी, मोटिवेशनल क्लास, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन, संवाद कौशल, बाल अधिकार, मानव अधिकार, संविधान से संबंधित मूल तथ्यों का ज्ञान, जेंडर की समझ एवं उसका समाज पर प्रभाव, शिक्षा एवं अनुशासन का महत्व, शिक्षा से भविष्य पर पड़ने वाला प्रभाव, बाल एवं युवा प्रतिभा विकास, बाल हिंसा रोकथाम, कानून एवं पुलिस कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न पुलिस इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया।

समापन कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  घनश्याम मालवीय प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शाजापुर एवं डीएसपी अजाक  अजय मिश्रा रक्षित निरीक्षक  वंदना सिंह, थाना प्रभारी अजाक  रामचन्द्र नागर, उनि अखिलेश चौहान एवं अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को आत्मरक्षा कौशल, व्यक्तिगत सुरक्षा, कानूनी अधिकारों एवं सामाजिक दायित्वों की भी जानकारी दी गई। इस आयोजन में जनसाहस संस्था के संदीप अस्ताया जिला समन्वयक, जन साहस संस्था , ज्योति सिंथिया ,. पवित्रा गोडीया, आरती सोलंकी , राहुल अर्सल* एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।

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