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10-12 गांवों की जीवनरेखा मानी जाने वाली सड़क बदहाल ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर। शहर की कृषि उपज मंडी के पीछे से गुजरने वाली सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। यह सड़क करीब 10 से 12 गांवों को शाजापुर शहर से जोड़ने वाली प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क की खराब स्थिति के कारण हजारों ग्रामीणों को प्रतिदिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस मार्ग से मैहदी, लाडावद, खेड़ा बमोरी, पिंदोनिया खेड़ा, रामपुरा पिंदोनिया, पचोला, मेवासा सहित कई गांवों के लोग शाजापुर आते-जाते हैं। सामान्य स्थिति में जहां इस मार्ग से शहर पहुंचने में लगभग 15 मिनट लगते हैं, वहीं सड़क की बदहाली के कारण अब लोगों को करीब एक घंटे का समय लग रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। शासन-प्रशासन की अनदेखी से सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भी कठिनाई होती है। समय पर इलाज नहीं मिलने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने 14 जुलाई को जन सुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सड़क निर्माण का आवेदन दिया।उनका कहना है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर। शहर की कृषि उपज मंडी के पीछे से गुजरने वाली सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। यह सड़क करीब 10 से 12 गांवों को शाजापुर शहर से जोड़ने वाली प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क की खराब स्थिति के कारण हजारों ग्रामीणों को प्रतिदिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस मार्ग से मैहदी, लाडावद, खेड़ा बमोरी, पिंदोनिया खेड़ा, रामपुरा पिंदोनिया, पचोला, मेवासा सहित कई गांवों के लोग शाजापुर आते-जाते हैं। सामान्य स्थिति में जहां इस मार्ग से शहर पहुंचने में लगभग 15 मिनट लगते हैं, वहीं सड़क की बदहाली के कारण अब लोगों को करीब एक घंटे का समय लग रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है और आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया। शासन-प्रशासन की अनदेखी से सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भी कठिनाई होती है। समय पर इलाज नहीं मिलने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने 14 जुलाई को जन सुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सड़क निर्माण का आवेदन दिया।उनका कहना है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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