किशोर सिंह राजपूत 9981757273
एनडीपीएस कोर्ट ने सुनाया फैसला, 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
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शाजापुर। करीब तीन वर्ष पुराने गांजा तस्करी के मामले में विशेष न्यायालय (एनडीपीएस) शाजापुर ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 15 माह के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने माना कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज, विशेषकर युवाओं के लिए गंभीर खतरा है। लोक अभियोजक एवं शासकीय अभिभाषक महेंद्र सिंह परमार ने बताया कि 18 अक्टूबर 2023 को थाना बैरछा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मालीखेड़ी जंगल की ओर से एक व्यक्ति नीले रंग की कपड़े की थैली में गांजा लेकर बैरछा-शाजापुर मार्ग की ओर आ रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सहायक उपनिरीक्षक केदार पटेल ने पुलिस बल एवं पंच साक्षियों के साथ मौके पर घेराबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसकी थैली से 1 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जाकिर खां पिता मजीद खां, निवासी भूमड़िया कॉलोनी, बेरछा गांव, जिला शाजापुर बताया। उसने पुलिस को बताया कि वह गांजा बिरगोद क्षेत्र से लेकर आया था। पुलिस ने मौके पर ही गांजा जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
विचारण के दौरान हुआ था फरार
मामले में थाना बैरछा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत अपराध दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया था। विचारण के दौरान आरोपी फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर पुनः न्यायालय में पेश किया। विशेष सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस) शाजापुर ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए 15 जुलाई 2026 को 15 माह के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण का अनुसंधान तत्कालीन सहायक उपनिरीक्षक रामेश्वर पटेल ने किया था। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालती है, इसलिए ऐसे अपराधों पर कठोर दृष्टिकोण आवश्यक है।



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