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जमीन विवाद में खुलेआम लाठी-डंडे चले गाड़ियां फोड़ीं तमाशबीन बनी रही पुलिस,पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

ब्रेकिंग न्यूज़ 

किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए जमीन विवाद में सरेआम लाठी-डंडे चलने, जेसीबी से हमला करने और गाड़ियां फोड़ने का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पूरी घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनकर केवल वीडियो बनाती नजर आ रही है। वायरल वीडियो को लेकर अब सूबे की सियासत भी गरमा गई है और विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है।’

वायरल वीडियो में एक पक्ष के लोग बेहद डरे और सहमे हुए नजर आ रहे हैं। पीड़ित शख्स चिल्लाते हुए कह रहा है कि अहिरवार कृषि फार्म की जमीन पर भारी संख्या में लोगों ने हमला कर दिया है। हमलावर अपने साथ बंदूकें और जेसीबी लेकर आए थे, जिससे उन्होंने गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर दिए और लोगों पर जानलेवा हमला किया।

वीडियो में पीड़ित अपने परिवार के लोगों और एक बच्चे की हालत दिखाते हुए रो पड़ता है, जो पूरी तरह से खून से लथपथ हैं।। पीड़ित का कहना है कि उनके कुछ लोग घायल हैं और उनकी हालत बहुत गंभीर है।

इस पूरी वारदात के दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात दिखाई दे रहा है, लेकिन वे उपद्रवियों को रोकने या घायलों की मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बनाने में मशगूल हैं। वीडियो में पीड़ित शख्स की आवाज भी साफ सुनाई दे रही है, जो चीख-चीख कर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है— “ये पुलिस प्रशासन खड़े होकर वीडियो बना रहा है। पुलिस सामने खड़ी होकर देख रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस के सामने ही मारपीट हो रही है।”

घटना का वीडियो सामने आने के बाद कालापीपल के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए प्रदेश की चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ाई हैं।

पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा:यह तालिबान नहीं, बल्कि शांति का टापू कहलाने वाला हमारा कालापीपल है…जो आज आतंक के साए में जीने को मजबूर है!इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जमीन कब्जाने को लेकर किस तरह खुलेआम गुंडे गोलियां बरसा रहे हैं और पुलिस तमाशबीन बनी हुई है।

सत्ताधारियों और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि कानून का डर पूरी तरह खत्म हो गया है।

मुख्यमंत्री जी, देखिए आपकी पुलिस किसके साथ खड़ी है!

जिले के एसपी मौन हैं और आम जनता भय के माहौल में जी रही है।मेरा प्रदेश के DGP से आग्रह है कि कालापीपल को इस आतंक और गुंडाराज से बचाइए, दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई कीजिए।

मामले में जांच और कार्रवाई की मांग

सरेराह हुई इस गुंडागर्दी, खूनी संघर्ष और पुलिस की अकर्मण्यता का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय जनता में भी भारी आक्रोश है। लोग सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन को टैग कर दोषियों के साथ-साथ मौके पर मूकदर्शक बने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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किशोर सिंह राजपूत 9981757273

शाजापुर जिले के कालापीपल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए जमीन विवाद में सरेआम लाठी-डंडे चलने, जेसीबी से हमला करने और गाड़ियां फोड़ने का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पूरी घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनकर केवल वीडियो बनाती नजर आ रही है। वायरल वीडियो को लेकर अब सूबे की सियासत भी गरमा गई है और विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है।’

वायरल वीडियो में एक पक्ष के लोग बेहद डरे और सहमे हुए नजर आ रहे हैं। पीड़ित शख्स चिल्लाते हुए कह रहा है कि अहिरवार कृषि फार्म की जमीन पर भारी संख्या में लोगों ने हमला कर दिया है। हमलावर अपने साथ बंदूकें और जेसीबी लेकर आए थे, जिससे उन्होंने गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर दिए और लोगों पर जानलेवा हमला किया।

वीडियो में पीड़ित अपने परिवार के लोगों और एक बच्चे की हालत दिखाते हुए रो पड़ता है, जो पूरी तरह से खून से लथपथ हैं।। पीड़ित का कहना है कि उनके कुछ लोग घायल हैं और उनकी हालत बहुत गंभीर है।

इस पूरी वारदात के दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात दिखाई दे रहा है, लेकिन वे उपद्रवियों को रोकने या घायलों की मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बनाने में मशगूल हैं। वीडियो में पीड़ित शख्स की आवाज भी साफ सुनाई दे रही है, जो चीख-चीख कर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है— “ये पुलिस प्रशासन खड़े होकर वीडियो बना रहा है। पुलिस सामने खड़ी होकर देख रही है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस के सामने ही मारपीट हो रही है।”

घटना का वीडियो सामने आने के बाद कालापीपल के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए प्रदेश की चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ाई हैं।

पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा:यह तालिबान नहीं, बल्कि शांति का टापू कहलाने वाला हमारा कालापीपल है…जो आज आतंक के साए में जीने को मजबूर है!इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जमीन कब्जाने को लेकर किस तरह खुलेआम गुंडे गोलियां बरसा रहे हैं और पुलिस तमाशबीन बनी हुई है।

सत्ताधारियों और पुलिस प्रशासन के संरक्षण में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि कानून का डर पूरी तरह खत्म हो गया है।

मुख्यमंत्री जी, देखिए आपकी पुलिस किसके साथ खड़ी है!

जिले के एसपी मौन हैं और आम जनता भय के माहौल में जी रही है।मेरा प्रदेश के DGP से आग्रह है कि कालापीपल को इस आतंक और गुंडाराज से बचाइए, दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई कीजिए।

मामले में जांच और कार्रवाई की मांग

सरेराह हुई इस गुंडागर्दी, खूनी संघर्ष और पुलिस की अकर्मण्यता का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय जनता में भी भारी आक्रोश है। लोग सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन को टैग कर दोषियों के साथ-साथ मौके पर मूकदर्शक बने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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