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ईद उल अजहा आज सुबह बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाई गईं ईदगाह पर हूंई ईद की मुख्य नमाज

किशोर सिंह राजपूत 9981757573

ईद उल अजहा आज गुरुवार को मनाई जा रही है ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार मे अजहर उद्दीन ने बताएं मुस्लिम समुदाय ईदगाह में ईद की मुख्य नमाज अदा तय किए गए वक्त के मुताबिक नमाज प्रातः 8:00 बजे हुई

अजहर उद्दीन ने बताया कि बकरीद या ईद उल अजहा के पीछे पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम का वह जज्बा है जो कायनात के पालनहार अर्थात अल्लाह की मर्जी से अपने बेटे की कुर्बानी देने तक से नहीं हिचकता बकरीद के जरिए अल्लाह मुसलमान को न्याय, कुर्बानी, त्याग, हमदर्दी और मोहब्बत के साथ सच्चाई के सहारे तरक्की के रास्ते पर चलने का हुक्म देते हैं

ईद उल अजहा पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परवरदिगार अर्थात अल्लाह के साथ मोहब्बत ,वफादारी व उसके हुकुम का पालन की शान में मनाई जाती है जिसका उदाहरण पैगंबर हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह ने अपनी पूरी जिंदगी में पेश किया

अजहर उद्दीन ने बताया की कुर्बानी मात्र इस्लामी एतबार से हलाल जानवर के गले पर छूरी फेरने का नाम नहीं है बल्कि दिल से अल्लाह की प्रति समर्पण का इरादा और ख्याल है अगर कोई व्यक्ति केवल हलाल जानवर के गले छूरी फेरता है और उसका दिल इस रूह से खाली रहता है तो वह बेवजह, नाहक एक बेकसूर जानवर का खून बहता है अल्लाह जो जिंदगी और मौत का मालिक है हम सब का पालनहार है अल्लाह को उसके खून या गोशत की कोई जरूरत नहीं है उसको तो सिर्फ ईमान की मजबूती चाहिए कोई निजी फायदा, कोई लालच, कोई डर, कोई अंदर की कमजोरी व बाहर की ताकत उसको हक व सच्चाई के रास्ते से डिगा ना सके इसी जज्बात का नाम है कुर्बानी इसके साथ में सभी मुस्लिम समाज ने देश में अमन सुकून के लिए दुवा की….

किशोर सिंह राजपूत 9981757573

ईद उल अजहा आज गुरुवार को मनाई जा रही है ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार मे अजहर उद्दीन ने बताएं मुस्लिम समुदाय ईदगाह में ईद की मुख्य नमाज अदा तय किए गए वक्त के मुताबिक नमाज प्रातः 8:00 बजे हुई

अजहर उद्दीन ने बताया कि बकरीद या ईद उल अजहा के पीछे पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम का वह जज्बा है जो कायनात के पालनहार अर्थात अल्लाह की मर्जी से अपने बेटे की कुर्बानी देने तक से नहीं हिचकता बकरीद के जरिए अल्लाह मुसलमान को न्याय, कुर्बानी, त्याग, हमदर्दी और मोहब्बत के साथ सच्चाई के सहारे तरक्की के रास्ते पर चलने का हुक्म देते हैं

ईद उल अजहा पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परवरदिगार अर्थात अल्लाह के साथ मोहब्बत ,वफादारी व उसके हुकुम का पालन की शान में मनाई जाती है जिसका उदाहरण पैगंबर हजरत इब्राहिम खलीलुल्लाह ने अपनी पूरी जिंदगी में पेश किया

अजहर उद्दीन ने बताया की कुर्बानी मात्र इस्लामी एतबार से हलाल जानवर के गले पर छूरी फेरने का नाम नहीं है बल्कि दिल से अल्लाह की प्रति समर्पण का इरादा और ख्याल है अगर कोई व्यक्ति केवल हलाल जानवर के गले छूरी फेरता है और उसका दिल इस रूह से खाली रहता है तो वह बेवजह, नाहक एक बेकसूर जानवर का खून बहता है अल्लाह जो जिंदगी और मौत का मालिक है हम सब का पालनहार है अल्लाह को उसके खून या गोशत की कोई जरूरत नहीं है उसको तो सिर्फ ईमान की मजबूती चाहिए कोई निजी फायदा, कोई लालच, कोई डर, कोई अंदर की कमजोरी व बाहर की ताकत उसको हक व सच्चाई के रास्ते से डिगा ना सके इसी जज्बात का नाम है कुर्बानी इसके साथ में सभी मुस्लिम समाज ने देश में अमन सुकून के लिए दुवा की….

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