आमजन का गणित बिगड़ा, सोना चांदी का भाव आम आदमी से दूर
दस साल में कई गुना बड़ा सोना चांदी का भाव
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नलखेड़ा।आसमान छू रहे सोने-चांदी के भाव ने शादी के सीजन में आम जनों की समस्या बढ़ा दी है। आज के दौर में ये आम आदमी के पहुंच से दूर हो रहे हैं। इसीलिए मार्केट में सोने चांदी में मंदी है। जहां लोग पहले मंगलसूत्र और कड़े, आंवले, कनदौना सहित अन्य जेवर बनवाते थे वहीं, अब ट्रेंड बदल गया है। पतली पायल और पतले मंगलसूत्र से ही रस्म अदायगी की जा रही है। दरअसल,बीते दस साल में सोने का भाव पांच गुण और चांदी का सात गुना बढ़ गया है जिससे जिससे शादी में अतिरिक्त बोझ मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ गया है।
वे शादी में आम तौर पर दी जाने वाली ज्वैलरी खरीद ही नहीं पाते। वहीं, दुकानदारों की पीड़ा है कि इतने शादी-ब्याह के सीजन में भी मार्केट मंदा है। इतनी महंगी दरों के सोने चांदी के जेवर कोई खरीदना ही नहीं चाहता। ऐसे में आम तौर पर होने वाली खरीदी में भी कटौती आई है।
उधारी का दौर भी समाप्त
जानकारी के अनुसार पहले कम दरों पर मिलने वाली ज्वैलरी को लेकर उधारी का भी ट्रेंड था। यानी अभी जेवर लेकर बाद में राशि दे दी जाती थी लेकिन अब महंगाई का दौर है। इसीलिए कोई भी दुकानदार या व्यापारी इसमें रिस्क नहीं ले सकता। इतनी महंगी दर के सोने-चांदी के जेवर के लिए राशि उधार करना किसी बड़ी रिस्क से कम नहीं है। वहीं, पहले लोग उधारी में सोना चांदी के जेवर खरीद लेते हैं
फसल आने पर राशि चुकाते थे लेकिन अब यह भी समाप्त हो गया। कोई भी दुकानदार रिस्क नहीं लेना चाहता।
क्षेत्र में ट्रेंड शादी से पहले भेजते हैं जेवर
ग्रामीण क्षेत्रों व नगर में शादी-ब्याह का विशेष ट्रेंड है। जहां शादी से पहले दुल्हन के यहां चांदी और सोने के जेवर चढ़ाने (भेजने) का ट्रेंड है। लेकिन वर्तमान में बढ़े हुए भाव के कारण समस्या आने लगी। इसीलिए अब लोग ज्यादा खरीदी में रुचि नहीं दिखा पाते।गांवों में ट्रेंड है कि एक से डेढ़ किलो चांदी के आवले चढ़ाएंगे, साथ ही सोने का मंगलसूत्र, रानी हार इत्यादि भी लेने का ट्रेंड है लेकिन महंगाई के इस दौरान ट्रेंड बदल दिया है।



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