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टोंककला पटाखा फैक्ट्री विस्फोट : मौतों का आंकड़ा 5 पहुंचा, अवैध स्टॉक पर उठे सवाल

देवास। गुरुवार सुबह टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। धीरज, सुमित और सन्नी की मौत के बाद अमलतास हॉस्पिटल में उपचाररत दो मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि दोनों मजदूर 99 प्रतिशत तक झुलस गए थे।

मृतकों में 4 मजदूर बिहार तथा एक उत्तरप्रदेश का निवासी बताया गया है। मामले में पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय निवासी पीपलरावां जिला देवास को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं बिहार निवासी फैक्ट्री मैनेजर एजाज खान को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में बिहार के सैकड़ों मजदूर कार्यरत थे, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। टोंकखुर्द थाना पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।

घटना के बाद फैक्ट्री संचालन और प्रशासनिक अनुमति को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अनिल मालवीय के नाम जारी अलग-अलग लाइसेंस में 15-15 किलो बारूद एवं 600-600 किलो पटाखा स्टॉक रखने की अनुमति दी गई थी, जबकि फैक्ट्री में अनुमति से कई गुना अधिक मात्रा में बारूद और पटाखों का स्टॉक मिला है। मौके से टनों में सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था, जिसका नवीनीकरण 6 मई को हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि करीब एक माह 6 दिन तक फैक्ट्री का संचालन अवैध रूप से तो नहीं किया जाता रहा।

देवास। गुरुवार सुबह टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। धीरज, सुमित और सन्नी की मौत के बाद अमलतास हॉस्पिटल में उपचाररत दो मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि दोनों मजदूर 99 प्रतिशत तक झुलस गए थे।

मृतकों में 4 मजदूर बिहार तथा एक उत्तरप्रदेश का निवासी बताया गया है। मामले में पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय निवासी पीपलरावां जिला देवास को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं बिहार निवासी फैक्ट्री मैनेजर एजाज खान को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में बिहार के सैकड़ों मजदूर कार्यरत थे, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। टोंकखुर्द थाना पुलिस ने मामले में 4 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।

घटना के बाद फैक्ट्री संचालन और प्रशासनिक अनुमति को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अनिल मालवीय के नाम जारी अलग-अलग लाइसेंस में 15-15 किलो बारूद एवं 600-600 किलो पटाखा स्टॉक रखने की अनुमति दी गई थी, जबकि फैक्ट्री में अनुमति से कई गुना अधिक मात्रा में बारूद और पटाखों का स्टॉक मिला है। मौके से टनों में सामग्री बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री का लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था, जिसका नवीनीकरण 6 मई को हुआ। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि करीब एक माह 6 दिन तक फैक्ट्री का संचालन अवैध रूप से तो नहीं किया जाता रहा।

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