किशोर सिंह राजपूत 9981757273
नलखेड़ा (आगर मालवा)। विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान संग्रह को लेकर उठे विवाद के बीच प्रशासन ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में अशासकीय समिति के कामकाज में किसी प्रकार की आर्थिक अनियमितता या धन के दुरुपयोग के प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि समिति का संचालन शासकीय व्यवस्था के बाहर और नियमों के विपरीत पाया गया, जिसके बाद उसे मंदिर परिसर में आगे कार्य करने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया है।जांच के दौरान समिति के बैंक खातों, लॉकर, रसीदों और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। समिति के सदस्यों से भी विस्तृत पूछताछ की गई। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तय किया है कि समिति के पास मौजूद पूरी नकद राशि, करीब 29 किलोग्राम चांदी और 105 ग्राम सोना अब मंदिर की शासकीय प्रबंध समिति को हस्तांतरित किया जाएगा। इन सभी संपत्तियों को शासकीय खाते और लॉकर में सुरक्षित रखा जाएगा।
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दान व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
प्रशासन अब मंदिर में दान व्यवस्था को पूरी तरह केंद्रीकृत और पारदर्शी बनाने की तैयारी में है। श्रद्धालुओं द्वारा दिया जाने वाला प्रत्येक दान अधिकृत माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा और उसके उपयोग की निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की समानांतर दान संग्रह व्यवस्था संचालित न होने पाए।
श्रद्धालुओं को मिलेगी स्पष्ट जानकारी
मंदिर परिसर में सूचना बोर्ड और प्रचार सामग्री के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया जाएगा कि दान केवल अधिकृत दान पात्र या मंदिर प्रबंध समिति के अधिकृत काउंटर पर ही करें। दान देने पर रसीद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।
शिकायतों के बाद हुई थी जांच
जांच में सामने आया कि वर्ष 2024 में गठित अशासकीय समिति मंदिर परिसर में अलग से रसीद काउंटर संचालित कर नकद राशि, सोना और चांदी एकत्रित कर रही थी। रसीदों पर समिति का पंजीयन क्रमांक, बैंक खाता और मोबाइल नंबर अंकित थे। इसी व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर ने जांच समिति गठित कर सात दिन में रिपोर्ट मांगी थी।



इंदौर










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