किशोर सिंह राजपूत 9981757273
शाजापुर। आशा एवं सहयोगिनी कार्यकर्ता महासंघ, जिला शाजापुर की जिलाध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने प्रदेश महामंत्री एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सुमन पटेल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सुपरवाइजरों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की।
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ज्ञापन में बताया गया कि 6 सितम्बर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सुपरवाइजरों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं, जिनमें प्रतिवर्ष 1000 रुपये की मानदेय वृद्धि भी शामिल थी, लेकिन अब तक इसका लाभ कार्यकर्ताओं को नहीं मिल पाया है।
महासंघ ने आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाइजरों को कई-कई माह तक पारिश्रमिक एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जाता, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भुगतान में देरी के संबंध में अधिकारियों द्वारा बजट और सॉफ्टवेयर संबंधी कारण बताए जाते हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में असंतोष और निराशा व्याप्त है।
ज्ञापन में मांग की गई कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से मिलने वाली राशि पूर्व की भांति एकमुश्त भुगतान की जाए, ताकि कार्यकर्ताओं को स्पष्ट रूप से जानकारी मिल सके कि कौन-सी राशि प्राप्त हुई है और कौन-सी लंबित है।
महासंघ ने सरकार के समक्ष 12 प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें आशा वर्कर्स को न्यूनतम 18 हजार रुपये तथा आशा सहयोगिनियों को 24 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन, ईपीएफ एवं ईएसआई की सुविधा, पेंशन व्यवस्था, कार्य के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने पर 5 लाख रुपये मुआवजा, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि, योग्य आशा कार्यकर्ताओं को एएनएम पद पर पदोन्नति, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, वर्ष में दो बार यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने, यात्रा भत्ता, मातृत्व अवकाश तथा 5जी मोबाइल या टैबलेट उपलब्ध कराने जैसी मांगें शामिल हैं।
महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से आशा एवं सहयोगिनी कार्यकर्ताओं के हित में त्वरित निर्णय लेने की मांग की गई।



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