
9 वर्ष के शौर्य वीर मोड़ने मल युद्ध जिसको की नई भाषा में ग्रेपलिंग के नाम से जाना जाता है नेशनल में भी कई पदक जीते छोटे योद्धा के दाव देखकर आश्चर्य में हो जाते हैं दर्शक।

धार के मारुति नंदन कुश्ती संघ जो की एक निजी सेवाभावी संस्थान है जिसके प्रशिक्षक अनु पाल नोनीहालों को मल युद्ध में पारंगत कर रहे हैं प्रशिक्षक अनु पाल के प्रशिक्षण से धार के कई बच्चों ने गोल्ड तथा रजत पदक राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किया सीमित संसाधनों के बाद भी एक निजी संस्था के द्वारा इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करना धार के लिए एक वरदान से काम नहीं है अब बैडमिंटन के साथ-साथ ग्रैप्लिंग जिसे की प्राचीन भाषा में मल्लयुद्ध कहा जाता था नई प्रतिभाएं निखरकर सामने आ रही है ऐसी ही एक बहुत कम उम्र की प्रतिभा है शौर्य वीर मोड जिसने अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड रजत एवं कई कांस्य पदक जीते हैं आगे शौर्य वीर बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड लाने की इच्छा उनके मन में नियमित प्रशिक्षण कोच का उच्च मार्गदर्शन शायद यह बच्चा अपने सपनों को साकार कर सकता है पर शासन के उदासीनता खिलाड़ी बहुत कम संसाधनों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं यदि शासन की ओर से उचित व्यवस्था इन खिलाड़ियों के लिए कर दी जाए तो धार भी अब ग्रेपलिंग में अपनी प्रतिभा सिद्ध कर सकता है




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