शाजापुर।पोलायकला तहसील के ग्राम पोलाय खुर्द में होली का पर्व एक अनोखे तरीके से मनाया जाता है। यहां ग्रामीण दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी ग्रामीण इसे बड़े उत्साह के साथ निभाते हैं।
यह अनोखा अनुष्ठान गल महादेव के मंदिर प्रांगण में होता है। होली के दिन शाम को जलती होली के अंगारों को तैयार किया जाता है, जिसके बाद ग्रामीण बिना किसी सुरक्षा के इन पर नंगे पैर चलते हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी तेज गर्मी वाले अंगारों पर चलने के बावजूद किसी के पैरों में कोई चोट या जख्म नहीं होता।
ग्रामीणों का मानना है कि गल महादेव की कृपा से ही वे ऐसा कर पाते हैं। उनकी यह भी मान्यता है कि मंदिर प्रांगण में जलती होली के अंगारों पर चलने और गल महादेव की पूजा करने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस परंपरा का कोई लिखित इतिहास नहीं है, लेकिन यह उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है।
इस अवसर पर गांव में एक दिवसीय मेले का भी आयोजन होता है। इस मेले में दूर-दूर से लोग आते हैं, जहां खिलौने, झूले और मिठाइयों की दुकानें लगती हैं। ग्रामीण इस परंपरा को आगे भी जारी रखने और गल महादेव की पूजा करते रहने की बात कहते हैं।
पुलिस प्रशासन ने भी इस आयोजन के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। गांव में जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा उनके जीवन का अभिन्न अंग है और वे इसे कभी नहीं छोड़ेंगे, क्योंकि यह उनके जीवन में सुख-शांति लाती है।
मोडसिह गोयल ग्रामीणों का कहना है कि वे इस परंपरा को आगे भी जारी रखेंगे और गल महादेव की पूजा करते रहेंगे।



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