रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, विवादास्पद फिल्म को बैन करने की मांग
शाजापुर।आज सवर्ण समाज की एकजुटता का नजारा देखने को मिला। सवर्ण एकता मंच के बैनर तले आज विशाल जन-आक्रोश यात्रा में हजारों की संख्या में लोग ओर मातृ शक्ति भी के समाजजन साथ सड़कों पर उतरी। रैली के माध्यम से यूजीसी रेगुलेशन एक्ट को “काला कानून” बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया गया। स्वर्ण समाज ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा।
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देश को बंटने नहीं देंगे करणी सेना परिवार

रैली में करणी सेना परिवार के जिला अध्यक्ष सोनू बना सापखेड़ा और अजीत सिंह खड़ी डोडिया ने कहा कि सवर्ण समाज अब जागृत हो चुका है। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे कानून देश की एकता को खंडित करने का काम कर रहे हैं, जिसे हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि “हम देश को बंटने नहीं देंगे।
परशुराम सेना ने मांग की
फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर प्रतिबंध की मांग
प्रदर्शन के दौरान आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर भी गहरा आक्रोश देखा गया। परशुराम सेना के दिलीप शर्मा और अन्य वक्ताओं ने फिल्म के शीर्षक पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे ब्राह्मण समाज और सवर्ण संस्कृति का अपमान बताया। समाज ने मांग की है कि इस फिल्म को अतिशीघ्र बैन किया जाए और इसके निर्माता-निर्देशक पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के जुर्म में एफआईआर दर्ज की जाए।
विशाल जनसमर्थन और उपस्थिति
रैली बस स्टैंड से शुरू हो कर नगर के प्रमुख मार्ग नई सड़क बड़ा चौक छोटा चौक सोमवारिया बाजार मगरिया चौराहा बस स्टैंड पहुँची, जहाँ सवर्ण समाज के सभी वर्गों, और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ‘सवर्ण एकता जिंदाबाद’ के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। ज्ञापन सौंपते समय चेतावनी दी गई कि यदि इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।



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