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शाजापुर जिला जेल में महा शिवपुराण कथा का भव्य आयोजन, भक्ति में डूबे बंदी

शाजापुर जिला जेल में महा शिवपुराण कथा का भव्य आयोजन, भक्ति में डूबे बंदी

शाजापुर। जेल में निरुद्ध बंदियों के मानसिक सुधार और आध्यात्मिक विकास की दिशा में जिला जेल शाजापुर द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। यहाँ बंदियों के आत्मिक उत्थान हेतु उज्जैन के सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित सुरेंद्र चंद्र पालीवाल के मुखारविंद से ‘महा शिवपुराण’ कथा का विधि-विधान से शुभारंभ किया गया।

भक्तिमय हुआ जेल परिसर

कथा के प्रथम दिन जेल का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। पंडित पालीवाल ने शिव महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि धर्म के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति अपने अतीत की गलतियों का प्रायश्चित कर सकता है। कथा के दौरान संगीत की धुनों पर बंदी पूरी तरह भाव-विभोर नजर आए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच बंदियों ने नाच-गाकर भगवान शिव की आराधना की और धार्मिक लाभ प्राप्त किया।

इस आयोजन में जेल अधीक्षक  डी. के. पगारे, जेल उप अधीक्षक  सुनील कुमार मंडलेकर सहित समस्त जेल स्टाफ उपस्थित रहे।

जेल अधीक्षक डी. के. पगारे ने बताया कि

“जेल सुधार गृह के रूप में कार्य करती है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य बंदियों के हृदय में सकारात्मक परिवर्तन लाना है, ताकि वे भविष्य में एक सभ्य नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।”

संपूर्ण आयोजन पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचालित किया जा रहा है, जिसमें जेल प्रशासन और बंदियों के बीच एक सकारात्मक समन्वय देखने को मिला।

शाजापुर जिला जेल में महा शिवपुराण कथा का भव्य आयोजन, भक्ति में डूबे बंदी

शाजापुर। जेल में निरुद्ध बंदियों के मानसिक सुधार और आध्यात्मिक विकास की दिशा में जिला जेल शाजापुर द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। यहाँ बंदियों के आत्मिक उत्थान हेतु उज्जैन के सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित सुरेंद्र चंद्र पालीवाल के मुखारविंद से ‘महा शिवपुराण’ कथा का विधि-विधान से शुभारंभ किया गया।

भक्तिमय हुआ जेल परिसर

कथा के प्रथम दिन जेल का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। पंडित पालीवाल ने शिव महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि धर्म के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति अपने अतीत की गलतियों का प्रायश्चित कर सकता है। कथा के दौरान संगीत की धुनों पर बंदी पूरी तरह भाव-विभोर नजर आए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच बंदियों ने नाच-गाकर भगवान शिव की आराधना की और धार्मिक लाभ प्राप्त किया।

इस आयोजन में जेल अधीक्षक  डी. के. पगारे, जेल उप अधीक्षक  सुनील कुमार मंडलेकर सहित समस्त जेल स्टाफ उपस्थित रहे।

जेल अधीक्षक डी. के. पगारे ने बताया कि

“जेल सुधार गृह के रूप में कार्य करती है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य बंदियों के हृदय में सकारात्मक परिवर्तन लाना है, ताकि वे भविष्य में एक सभ्य नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।”

संपूर्ण आयोजन पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचालित किया जा रहा है, जिसमें जेल प्रशासन और बंदियों के बीच एक सकारात्मक समन्वय देखने को मिला।

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