
सरदारपुर फाल्गुन पूर्णिमा की पावन रात्रि में बड़ोदिया मे आस्था और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया, जब शुभ मुहूर्त में पूरे विधि-विधान के साथ होलिका दहन संपन्न किया गया। परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए सरपंच विक्रम खराड़ी द्वारा होलिका पूजन किया गया और उसके पश्चात अग्नि प्रज्वलित की गई।
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होलिका दहन स्थल पर शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। महिलाओं ने पूजा की थाल सजाकर परिवार की सुख-समृद्धि और संतानों की लंबी आयु की कामना की। युवाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह देखा गया। लोगों ने होलिका की परिक्रमा कर सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
इस अवसर पर ग्राम के वरिष्ठजन और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने होली पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने का संदेश भी इस अवसर पर दिया गया।
होलिका दहन भारतीय संस्कृति का प्रमुख धार्मिक पर्व है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार भक्त प्रह्लाद की रक्षा और होलिका के दहन की घटना सत्य और श्रद्धा की जीत का संदेश देती है।



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