राजगढ़ — आगमविशारद, बुद्धपुत्र प्रवर्तक श्री जिनेन्द्रमुनिजी म.सा. की 39वीं दीक्षा जयंती के पावन अवसर पर राजगढ़ श्री संघ द्वारा जप-तप-त्याग के साथ श्रद्धापूर्वक धर्माराधना का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 8:30 से 9:30 बजे तक श्री नवकार महामंत्र जाप से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रभावना का लाभ श्री फूलचंदजी नखेत्रा, श्रीमती शांतिबाई जी डोसी एवं श्री मनोज जी मेहता परिवार द्वारा लिया गया।
दिनभर तीन सामायिक का तेला तप सम्पन्न हुआ, जिसकी प्रभावना श्री वीरेंद्रजी वागरेचा एवं श्रीमती शांतिबाई जी डोसी द्वारा की गई। साथ ही एकासना तप भी सम्पन्न हुआ, जिसकी प्रभावना श्री वर्धमानजी खाबिया, श्री नरेन्द्रजी मूणत, श्री संतोषजी चोरड़िया एवं श्रीमती शांतिबाई डोसी परिवार द्वारा की गई।
यह जानकारी हितेश वागरेचा ने दी
राजगढ़ — आगमविशारद, बुद्धपुत्र प्रवर्तक श्री जिनेन्द्रमुनिजी म.सा. की 39वीं दीक्षा जयंती के पावन अवसर पर राजगढ़ श्री संघ द्वारा जप-तप-त्याग के साथ श्रद्धापूर्वक धर्माराधना का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 8:30 से 9:30 बजे तक श्री नवकार महामंत्र जाप से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रभावना का लाभ श्री फूलचंदजी नखेत्रा, श्रीमती शांतिबाई जी डोसी एवं श्री मनोज जी मेहता परिवार द्वारा लिया गया।
दिनभर तीन सामायिक का तेला तप सम्पन्न हुआ, जिसकी प्रभावना श्री वीरेंद्रजी वागरेचा एवं श्रीमती शांतिबाई जी डोसी द्वारा की गई। साथ ही एकासना तप भी सम्पन्न हुआ, जिसकी प्रभावना श्री वर्धमानजी खाबिया, श्री नरेन्द्रजी मूणत, श्री संतोषजी चोरड़िया एवं श्रीमती शांतिबाई डोसी परिवार द्वारा की गई।
यह जानकारी हितेश वागरेचा ने दी



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