ई-टोकन से उर्वरक प्राप्त करने हेतु सभी किसानों की फार्मर आईडी बनाएं कलेक्टर यादव

सभी विभाग अपने-अपने पोर्टलों पर नियमित एवं समयबद्ध प्रविष्टियां सुनिश्चित करें
आगर-मालवा। जिले में ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत कृषकों को ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। सभी कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के निर्देश कलेक्टर प्रीति यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप आयोजित कर पटवारियों के माध्यम से किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाए। जिन कृषकों की फार्मर रजिस्ट्र्री हो चुकी है, उनके सभी खसरा नम्बर को जोड़ा जाए। साथ ही किसानों को ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने के लिए जागरूक किया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर आर.पी. वर्मा, एसडीएम आगर श्री मिलिंद ढोके, डिप्टी कलेक्टर प्रेमनारायण परमार, श्रीमती किरण बरबड़े सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बैठक में सभी विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी विभाग का परफॉर्मेंस निम्न स्तर का न रहे। सभी विभाग अपने-अपने पोर्टलों पर नियमित एवं समयबद्ध प्रविष्टियां सुनिश्चित करें। संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नगरीय निकायों के वार्डों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। सर्वे के दौरान प्राप्त आवेदनों को संबंधित पोर्टल पर दर्ज कर और समय-सीमा में निराकरण करें। जिन विभागों से संबंधित योजनाएं हैं, वे बेहतर कार्य करते हुए शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभागीय योजनाओं एवं अभियानों में जिला बॉटम रैंक में नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शिकायतों का उच्च गुणवत्ता के साथ संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए। जिन विभागों की निराकरण स्थिति कमजोर है, वे सुधार कर ‘ए’ ग्रेड में आने के लिए विशेष प्रयास करें। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाईन निरकरण में निम्न परफार्मेंस वाले विभागों के अधिकारियों को ग्रेडिंग आने से पूर्व स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने राजस्व विभाग की समीक्षा कर अक्टूबर 2025 से पूर्व के लम्बित नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों को 26 जनवरी से पूर्व शत्-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने समग्र ई-केवायसी की समीक्षा कर जनपद आगर की प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जनपद सीईओ को कार्य गति देकर पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा पत्रों का जवाब समय पर दर्ज करने, विभागीय पत्रों को ई-ऑफिस के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए।




शेयर करें
