मंत्रोच्चार के साथ जैन मंदिर शिखर पर चढ़ाई नूतन ध्वजा

वसंत पंचमी पर हुआ धार्मिक आयोजन
नलखेड़ा-मंत्रोच्चार के साथ परमात्मा के मंदिर शिखर पर लाभार्थी बड़ेरा परिवार द्वारा ध्वजा चढ़ाई गई। इसके पूर्व नगर में ध्वजा का चल समारोह निकाला गया। मंदिरजी में माणिभद्र वीर हवन – पूजन के साथ धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ।
नगर में वसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । इस अवसर पर जैन समाज द्वारा मंदिर शिखर पर नूतन ध्वजा चढ़ाई गई , वही नगर के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर वसंत का स्वागत किया गया। मंदिरजी में परमात्मा की मनमोहक आंगी रचना की गई।
शुक्रवार को वसंतोत्सव पर्व पर स्थानीय चंदाप्रभु जैन श्वे. मंदिर में मणिभद्र वीर हवन एवं ज्ञान की देवी सरस्वती माता के जन्मदिन पर धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। लाभार्थी बडेरा परिवार की ओर से परमात्मा की सत्तरभेदी पूजन का कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे मंदिरजी में रखा गया। इसके पूर्व तपागच्छ के अधिष्ठायक देव श्री माणिभद्र वीर का हवन-पूजन विधि-विधान व मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न करवाया गया। हवन के पश्चात
माणिभद्रजी को लाभार्थी बडेरा परिवार द्वारा सुखड़ी एवं थाल अर्पण किया गया।
विजय मुहूर्त में विधिकारक वैभव जैन व संगीतकार राज मोदी एण्ड पार्टी उज्जैन द्वारा लाभार्थी परिवार
स्व. केसरीमलजी,कैलाशचंद्र, रमेशचंद्र,मनोहर, महेंद्र, मनोज, संजय, अंकुश,अक्षय बडेरा परिवार के द्वारा ध्वज दंड की पूजा संपन्न करवाकर मंदिर स्वर्ण शिखर पर नूतन धर्म ध्वजा विधि – विधान व मंत्रोच्चार के साथ चढ़ाई गई। इसके पूर्व ध्वजा को सिर पर धारण कर मंदिर परिसर में परिक्रमा की गई तथा लाभार्थी परिवार जनो ने ध्वजा की वासक्षेप से पूजा तथा आरती की गई।
इस अवसर पर परमात्मा का दरबार जयकारो से गुंज उठा तथा खुशी से झूमते नाचते समाजजनों ने शिखर पर अक्षत वर्षा की गई। एवं सभी को केसरिया रंग लगाकर प्रभावना वितरण की गई। इसके पूर्व मंदिर से बैंड बाजों के साथ नूतन ध्वजा का चल समारोह मुख्य मार्गो से निकाला गया। जिसमें समाजजनों के साथ लाभार्थी बड़ेरा परिवार सिर पर ध्वजा धारण कर शामिल रहें।

बसंत उत्सव पर्व पर जैन मंदिर में सुरेशकुमार काठेड़ द्वारा परमात्मा की मनमोहक आंगी रचना की गई।
बसंत पंचमी के अवसर पर मंदिरजी में परमात्मा चंद्रप्रभु के अभिषेक,केसर पूजन,आरती के लाभार्थी मनोहरलाल मुकेश कुमार, मनीष कुमार फाफरिया परिवार रहा।
बसंत उत्सव के अवसर पर गुप्त लाभार्थी परिवार द्वारा जैन धर्मशाला में स्वामीवात्सल्य का कार्यक्रम रखा गया था।
वसंत पंचमी को ही स्थानीय श्री सुपार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर मैं भी धार्मिक कार्यक्रम के साथ मंदिर शिखर पर समाजजनों द्वारा नूतन ध्वजा विधि विधान के साथ चढ़ाई गई।



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