माता अंबिका प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर कार्यक्रम का आयोजन

ध्वजा का चलसमारोह निकाला,जम्मा जागरण भी हुआ
सकलेचा बंधुओ ने बड़ी संख्या में लिया भाग
नलखेड़ा – मां बगलामुखी की पावन नगरी में स्थित सकलेचा गोत्रीय कुल भैरव के देवस्थान पर माता अंबिका की प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर द्विदिवसीय ध्वजा महोत्सव अंतर्गत नगर में ध्वजा का चल समारोह निकाला गया। वहीं रात्रि में जम्मा जागरण कार्यक्रम मैं भजन गायको द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। आयोजन में बड़ी संख्या में सकलेचा बंधुओ ने भाग लिया।
देशभर में फैले समस्त सकलेचा गोत्रीय बंधुओं के हाजरा – हुजूर कुल भैरव की प्रतिमा नलखेड़ा में स्थित है। जहां कुल भैरव के आंगन में माता अंबिका की प्रतिमा की प्रतिष्ठा एक वर्ष पूर्व की गई थी।

प्रतिष्ठा की प्रथम वर्ष गांठ पर ध्वजा महोत्सव का धार्मिक आयोजन के अंतर्गत शनिवार प्रातः 10 बजे श्री चंदा प्रभु जैन श्वेतांबर मंदिर जी से ध्वजा का पूजन के साथ नगर में गाजेबाजे व ढोल- ठमाको के साथ चल समारोह निकाला गया।
चल समारोह में लाभार्थी परिवार अपने सिर पर ध्वजा धारण कर चल रहे थे।
चल समारोह में सकलेचा बंधु पारंपरिक वेशभूषा में सफेद वस्त्र तथा गले में दुपट्टा डालकर शामिल थे।
महिलाएं केसरिया एवं लाल चुन्नी बेस व साड़ी पहनकर चल समारोह में चल रही थी।

प्रमुख मार्ग से चल समारोह बड़ा गणेश मंदिर पर पहुंचा जहां पर भगवान गजानन का पूजन कर माल्यार्पण किया गया। यहां से चल समारोह पांडिया कॉलोनी स्थित भैरूजी के देवस्थान पर पहुंचा जहां श्री सच्चियाय माता के परम भक्त अंकित भटेवरा रतलाम द्वारा विधि विधान के साथ ध्वजा चढ़ाने के लाभार्थी अनिलकुमार राजेशकुमार सकलेचा परिवार उज्जैन के द्वाराअभिजीत मुहूर्त में 12.39 पर भेरुजी के देवस्थान तथा अंबिका माता की छतरी पर नूतन ध्वजा चढ़ाई गई।
इसी के साथ विभिन्न लाभार्थी परिवारों द्वारा माता प्रतिमा व भेरूजी का अभिषेक, श्रृंगार आरती, कुंकू छापे,बालभोग आदि के कार्यक्रम अंकितजी भटेवरा द्वारा संपन्न करवायें गये। ध्वजा कार्यक्रम उपरांत जैन धर्मशाला में सकलेचा बंधुओं का सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।
-माता भजनों की दी गई प्रस्तुतियां –
कुल भैरव के देव स्थान पर शुक्रवार रात्रि को जम्मा जागरण का कार्यक्रम रखा गया जिसमें कपिल राठौर एंड पार्टी द्वारा माताजी के भजनों के साथ अन्य धार्मिक भजनों की सुंदर प्रस्तुतियां दी गई।
जम्मा जागरण का कार्यक्रम देर रात्रि तक चलता रहा बड़ी संख्या में सकलेचा बंधु एवं महिलाएं कार्यक्रम में उपस्थित थी।



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