विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ कमाल का प्रदर्शन किया। विराट के अब रैंकिंग में 773 रेटिंग अंक हो चुके हैं और उन्हें 2 स्थान का फायदा हुआ है। वहीं रोहित शर्मा 781 अंक के साथ पहले नंबर पर मौजूद हैं। इसके अलावा डेरिल मिचेल एक स्थान के नुकसान के साथ तीसरे स्थान पर आ गए हैं और उनके 766 अंक हैं। इसके अलावा इब्राहिम जादरान (764) चौथे और शुभमन गिल (723) पांचवें स्थान पर मौजूद हैं। विराट कोहली ने हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज में अविश्वसनीय रूप से बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने इस पूरी सीरीज में अपने बल्ले से कमाल दिखाया, जिसके दम पर भारत ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की। कोहली ने लगातार दो शतक और एक तेज अर्धशतक बनाकर अपनी शानदार फॉर्म को दर्शाया। तीन मैचों की सीरीज में विराट कोहली ने 302 रन बनाए। उनके इस प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया। कोहली जिस हिसाब से खेल रहे हैं, उससे तो लगता है कि वह 100 टेस्ट शतकों का मुकाम हासिल कर लेंगे। हो सकता है कि टेस्ट टीम में भी उनकी वापसी हो जाए। अगर वह लगातार 2027 तक खेलते हैं तो कई कारनामे कर देंगे। सारी रिकार्ड बुक उनके नाम होगी।
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हमेशा की तरह एक बार फिर से चर्चा में हैं। उनको लेकर एक ही बात हो रही है कि क्या वो सचिन तेंदुलकर के 100 शतक का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे। 84 अंतरराष्ट्रीय शतकों पर बैठे हैं किंग कोहली के पास 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक यह मौका होगा. विश्व कप के बाद भी वो वनडे खेलेंगे इसकी उम्मीद कम ही है। विराट कोहली ने 30 टेस्ट, 53 वनडे में और एक टी20 शतक बनाया है. सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों के रिकॉर्ड से वह अभी भी 16 शतक दूर हैं. यह अंतर कागज पर छोटा लगता है, लेकिन असली सवाल यह है कि 37 साल की उम्र में टेस्ट और टी-20 से संन्यास लेने के कोहली के पास कितने साल बचे है। अगर आंकड़ों की बात करें तो कोहली ने वनडे में 296 पारियों में 14,557 रन बनाए हैं. उनका औसत 58.70 है और 53 शतक अपने नाम किए हैं. इसके हिसाब से कोहली ने हर 5-6 वनडे पारियों में एक शतक बनाया है।
उन्हें 16 और अंतरराष्ट्रीय शतक चाहिए टेस्ट और टी-20 से संन्यास के बाद अब उनको अपने इस टारगेट को सिर्फ वनडे में खेलकर ही हासिल करना होगा। 296 वनडे पारियों में 53 शतक यानी हर पारी में 0.179 शतक या हर 5-6 पारियों में एक शतक. पिछले कुछ सालों में उनके शतक जमाने के प्रतिमैच दर में इजाफा हुआ है। विराट कोहली लगभग हर 4.4 पारियों में एक शतक बना रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तो लगातार दो मैच में शतक लगा दी। 16 शतक बनाने के लिए विराट को हर दूसरे मैच में शतकीय पारी की जरूरत होगी जिससे वे बचे हुए 32 मुकाबलों में इन सारे शतकों की संख्या को पूरा कर सकें। मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक भारत के पास 2027 वर्ल्ड कप तक काफी व्यस्त वनडे कैलेंडर है। टी-20 के आने के बाद से अब वनडे सीरीज तीन मैचों की होने लगी है। विश्व कप से पहले अगर सीरीज के मुकाबलों को जोड़ें तो भारत लगभग 30-32 वनडे खेलेगा।. ऐसा मानना ठीक है कि विराट को वर्ल्ड कप तक 30-32 वनडे पारियां खेलने का मौका मिलेगा.
विराट 2027 तक कितने शतक जड़ सकते हैं?
अगर 2027 वर्ल्ड कप तक कोहली को लगभग 30 वनडे पारियां मिलती हैं, तो तीन अलग-अलग संभावनाओं में भी, अगर वह अपनी हालिया फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो कोहली शायद 2027 वर्ल्ड कप के बाद 90-92 अंतरराष्ट्रीय शतक तक पहुंच सकते हैं। इससे साफ होता है कि 2027 वर्ल्ड कप कोई फिनिश लाइन नहीं है. वह यहां तक पहुंचकर भी 8-10 शतक और चाहिए होंगे। अगर 2027 के अंत तक उनके नाम 91 शतक हो जाते हैं, तो उन्हें 9 और शतक चाहिए होंगे, अगर हम विराट कोहली के करियर दर के हिसाब से 0.17-0.18 शतक प्रति पारी को एक मानक मानकर चलते हैं तो 9 शतक के लिए लगभग 50-55 वनडे पारियां चाहिए। कुल मिलाकर अगर कोहली सच में इस रिकॉर्ड का पीछा करते हैं, तो उनके करियर दर के हिसाब से उन्हें 6-7 साल और क्रिकेट खेलनी होगी। अगर वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में रहे तो 4-5 साल जो इतना आसान नहीं होने वाला। ऐसे में सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों का रिकॉर्ड तो शायद अटूट रहे।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने जबरदस्त बल्लेबाजी की. रांची और रायुपर वनडे में किंग कोहली ने शतकीय पारियां खेलीं। फिर वाइजैग वनडे में भी कोहली अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे. कोहली ने इस सीरीज में 151 की औसत से 302 रन बनाए और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। विराट कोहली ने पिछले साल टी-20 इंटरनेशनल को अलविदा कह दिया था. फिर उन्होंने इस साल 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया था। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार के बाद कुछ क्रिकेट क्पेमी यह उम्मीद कर रहे थे कि कोहली शायद दोबारा रेड बॉल क्रिकेट में लौटेंगे, लेकिन खुद कोहली ने इन पर विराम लगा दिया था. देखा जाए तो एक ही फॉर्मेट पर फोकस रखना उनके लिए सही फैसला साबित हुआ है और वो फॉर्म में लौट आए हैं।
विराट कोहली ने सीरीज जीत के बाद स्वीकार किया कि वो पिछले 2-3 साल ऐसे नहीं खेल पाए थे। कोहली ने पुरस्कार वितरम समारोह में कहा, ‘सच कहूं तो इस सीरीज में जिस तरह मैंने बल्लेबाज़ी की, वह मेरे लिए सबसे संतोषजनक बात है। मुझे नहीं लगता कि पिछले 2-3 साल में मैंने इस तरह खेला। अभी मेरा मन बहुत हल्का और आजाद महसूस कर रहा है। यह आगे बढ़ने के लिए बहुत रोमांचक है। विराट कोहली कहते हैं, ‘मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि अपने ही बनाए हुए स्टैंडर्ड को बरकरार रखूं और उस स्तर पर खेलूं, जहां मैं टीम के लिए प्रभाव छोड़ सकूं। मुझे पता है कि जब मैं मैदान पर इस तरह बल्लेबाजी करता हूं, तो इससे टीम को बहुत बड़ा फायदा मिलता है क्योंकि मैं लंबी पारी खेल सकता हूं और माहौल के अनुसार खेलने में सक्षम होता हूं. जब आपका आत्मविश्वास अच्छा होता है, तो आपको लगता है कि मैदान पर किसी भी स्थिति को संभालने की क्षमता आपके अंदर और आप उसे टीम के पक्ष में मोड़ सकते हैं’।
विराट कोहली ने कहा, ’15-16 साल तक खेलने पर ऐसे कई दौर आते हैं जब आप अपनी क्षमता पर शक करते हैं, खासकर एक बल्लेबाज़ के रूप में, जहां एक गलती आपको आउट कर सकती है। कई बार ऐसा लगता है कि शायद मैं उतना अच्छा नहीं हूं, घबराहट हावी हो जाती है। एक लंबी पारी खेलने के बाद ही आप फिर से उस जोन में आ पाते हैं, जहां आप आत्मविश्वास के साथ खेल पाते हैं. ये पूरा सफर सीखने का है, यह खुद को बेहतर समझने और एक इंसान के तौर पर आगे बढ़ने को लेकर है। एक बल्लेबाज के रूप में मैंने अपने बारे में बहुत कुछ सीखा है, छोटी-छोटी बातें आपको एक बेहतर इंसान बनाती हैं और आपके स्वभाव को संतुलित और मजबूत करती हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम में समय-समय पर सितारों ने अपने जलवे दिखाए हैं। जिसमें सबसे पहले सुनील गावस्कर, कपिलदेव, महेन्द्रिसंह धोनी, सचिन तेंदुलकर और उसके बाद विराट कोहली का नाम आता है। मगर अब साफ दिखाई देता है कि विराट इन सबसे आगे निकल चुके हैं। उनका कोई सानी नहीं है। वे अद्भुत है, लाजवाब हैं, बेमिसाल हैं। .एक नजर मे देखें तो विराट कोहली (; जन्म 5 नवंबर 1988) एक भारतीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर, जो वर्तमान मेंटेस्ट क्रिकेट और एक दिवसीय क्रिकेट खेलते हैं। कोहली एक पूर्व टी 20आई भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्वकप्तान। वह दाएं हाथ के बल्लेबाजऔर कभी-कभार अपरंपरागत दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। वह वर्तमान मेंआईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और घरेलू क्रिकेट में आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है टी20 में तीसरे स्थान पर हैं, वनडे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उनके नाम एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक बनाने का रिकॉर्ड भी है । इसलिए, कोहली को व्यापक रूप से सभी समय और आधुनिक युग के महानतम बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। 2011 क्रिकेट विश्व कप,2013 चैंपियंस ट्रॉफी और 2024 टी 20 विश्व कपजीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख सदस्य रहेय़ उन्होंने 2017, 2018 और 2019 में लगातार तीन बारआईसीसी टेस्ट गदा मिली है।
पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी ने विराट कोहली और रोहित शर्मा का जोरदार समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम से इन दोनों दिग्गजों को बाहर करने की कोशिशें गलत हैं, क्योंकि ये दोनों भारतीय ODI टीम की रीढ़ हैं और 2027 वर्ल्ड कप तक खेल सकते हैं। इंटरव्यू में आफरीदी ने कहा कि हालिया वनडे सीरीज में दोनों ने जिस तरह बल्लेबाजी की है, उससे साफ है कि वे लंबे समय तक टीम को मजबूत करेंगे।आफरीदी ने ये भी सलाह दी कि बड़े टूर्नामेंट और अहम सीरीज में रोहित-कोहली को जरूर खिलाया जाए. कमजोर टीमों के खिलाफ भारत नए खिलाड़ियों को आजमा सकता है और इन दोनों को आराम दे सकता है ।
नरेन्द्र जोशी
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